ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत नाबालिग बालक को सुरक्षित रेलवे चाइल्ड लाइन को किया गया सुपुर्द

ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत नाबालिग बालक को सुरक्षित रेलवे चाइल्ड लाइन को किया गया सुपुर्द

रेलवे सुरक्षा बल द्वारा संचालित ?ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते? रेलवे परिसरों और ट्रेनों में मिलने वाले असुरक्षित, संकटग्रस्त या बिछड़े हुए बच्चों को सुरक्षित बचाने का एक निरंतर और संवेदनशील अभियान है। यह केवल एक ऑपरेशन नहीं, बल्कि उन अनगिनत बच्चों के लिए जीवनरेखा है, जो किसी कारणवश अपने घरों से दूर भटक जाते हैं। इस पहल के माध्यम से रेलवे सुरक्षा बल ने बाल सुरक्षा एवं संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे बाल श्रम, बाल तस्करी तथा लापता बच्चों से संबंधित मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।

वर्तमान वित्तीय वर्ष में रेलवे सुरक्षा बल टीम द्वारा ऑपरेशन 'नन्हें फरिश्ते' के अंतर्गत 442 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया। इसी क्रम में रेलवे सुरक्षा बल, प्रयागराज द्वारा संचालित ?ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते? के अंतर्गत दिनांक 15 फरवरी 2026 को एक नाबालिग बालक को सुरक्षित संरक्षण में लेकर चाइल्ड लाइन को सुपुर्द किया गया।

प्लेटफार्म संख्या 7-8 पर तैनात आरपीएसएफ 10वीं वाहिनी के कांस्टेबल द्वारा एक नाबालिग बालक को प्लेटफार्म स्थित फुट ओवर ब्रिज (FOB-1) के पास संदिग्ध अवस्था में पाया गया। उससे पूछने पर उसने बताया की वह घर से नाराज होकर स्टेशन पर पहुंच गया था। तत्पश्चात उसे रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट प्रयागराज लाया गया।

पूछताछ में बालक ने अपना नाम अविनाश (उम्र लगभग 14 वर्ष), पुत्र अर्जुन बिंद, निवासी ग्राम अमादपुर, थाना कोतवाली गाजीपुर, जिला गाजीपुर (उ.प्र.) बताया। बालक द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर के माध्यम से उसके परिजनों से संपर्क स्थापित कर उन्हें सूचित किया गया।

इसके उपरांत रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन प्रयागराज के सुपरवाइजर को सूचना देकर पोस्ट पर बुलाया गया। आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद उसे सुरक्षित एवं सकुशल रेलवे चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया।

रेलवे सुरक्षा बल यात्रियों से अपील करता है कि यात्रा के दौरान अपने बच्चों पर विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी असहाय या बिछड़े बच्चे की जानकारी तुरंत रेलवे सुरक्षा बल या चाइल्ड हेल्पलाइन को दें।