कोयला चोरी नहीं रोक पा रहे, लेकिन मॉर्निंग वॉक पर पाबंदी! बैरिकेटिंग के विरोध में नगरवासियों का प्रदर्शन, DRM–RPF पर गंभीर आरोप

डीडीयू नगर/चंदौली। भारतीय रेल के उत्तर मध्य रेलवे अंतर्गत दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन क्षेत्र में स्थित यूरोपियन कॉलोनी और बाकले ग्राउंड के चारों ओर की गई बैरिकेटिंग के विरोध में नगरवासियों ने जोरदार प्रदर्शन किया।

इस दौरान मंडल प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि मुगलसराय मंडल में बड़े पैमाने पर रेलवे के कोयले और लोहे की चोरी हो रही है, जो कथित रूप से अधिकारियों की जानकारी में है। उन्होंने कहा कि यदि रेलवे संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा पा रही है, तो आम नागरिकों को वर्षों से खुले रहे मैदान में सुबह टहलने से रोकना दोहरे मापदंड को दर्शाता है।


एडवोकेट संतोष पाठक ने आरोप लगाया कि मंडल रेल प्रबंधक (DRM) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की जिम्मेदारी रेलवे संपत्ति की सुरक्षा है लेकिन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई के बजाय आम नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगाई जा रही है। उनका कहना था कि बाकले ग्राउंड नगरवासियों के लिए वर्षों से मॉर्निंग वॉक और सार्वजनिक उपयोग का स्थान रहा है, जिसे अचानक बैरिकेट कर देना अनुचित है।

उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपियन कॉलोनी में नगर के कई परिवारों के रिश्तेदार रहते हैं और स्थानीय कर्मचारियों की ओर से कभी भी नागरिकों के प्रवेश को लेकर आपत्ति नहीं जताई गई। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा की गई बैरिकेटिंग को उन्होंने ?तानाशाहीपूर्ण निर्णय? करार दिया।

रेलवे अधिनियम के तहत रेलवे परिसर और संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और सुरक्षा बलों की होती है। यदि क्षेत्र में कोयला या लोहा चोरी की घटनाएं हो रही हैं तो इसकी रोकथाम और दोषियों पर कार्रवाई प्रशासनिक दायित्व है। नगरवासियों का तर्क है कि सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के बजाय सार्वजनिक आवागमन पर रोक लगाना समस्या का समाधान नहीं है।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि बैरिकेटिंग नहीं हटाई गई तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर अंचल श्रीवास्तव, राकेश पटेल, ओम प्रकाश गुप्ता, प्रितपाल सिंह, सुरेंद्र कुमार, राम प्रकाश साहू, वीरेंद्र यादव (एडवोकेट), अशोक कुमार गुप्ता और अभिषेक कुमार सहित कई लोग उपस्थित रहे।

(नोट: DRM और RPF पर लगाए गए आरोप प्रदर्शनकारियों के बयान पर आधारित हैं। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर प्रकाशित किया जाएगा।)