जनपद सहित डीडीयू नगर में शराब तस्करी पर विराम! या आंकड़ों का ' मैनेजमेंट'?

चंदौली। जनपद में शराब तस्करी को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है क्या वाकई तस्करी पर पूरी तरह रोक लग चुकी है या फिर पकड़े गए मामलों के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए जा रहे? खासकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू जंक्शन) से बीते दिनों लगातार शराब की खेप पकड़ी जा रही थी।


संयुक्त कार्रवाई में Railway Protection Force (RPF) और अलीनगर पुलिस ने कई तस्करों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में शराब बरामद की थी। रेलवे मार्ग को तस्करों का सुरक्षित कॉरिडोर माना जा रहा था। लेकिन अब अचानक सन्नाटा है । ऐसे में सवाल उठना लाज़िमी है।


उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम 1910 के तहत बिना लाइसेंस परिवहन और बिक्री दंडनीय अपराध है। दंड प्रक्रिया संहिता 1973 (CrPC) के अनुसार जब्ती गिरफ्तारी और केस डायरी का विधिवत संधारण अनिवार्य है। रेलवे क्षेत्र में अपराध होने पर RPF और स्थानीय पुलिस के समन्वय से पूरी कार्रवाई का रिकॉर्ड सार्वजनिक होना चाहिए।


तस्करी रुकी या सूचना?

यदि तस्करी सचमुच थम गई है तो यह प्रशासन की बड़ी सफलता मानी जाएगी। लेकिन सूत्र बताते है सिर्फ तस्करी के तरीके बदले है ऐसे में यदि तस्करी पर कार्रवाई की जा रही है तो जानकारी साझा नहीं की जा रही पारदर्शिता पर सवाल उठेंगे।


स्थानीय लोगों की मांग है कि: बरामदगी और गिरफ्तारी का डेटा जारी हो। संयुक्त टीम की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। आबकारी विभाग RPF और स्थानीय पुलिस संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग करे।