ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत रेलवे सुरक्षा बल नागपुर मंडल द्वारा वर्ष 2025–26 में 88 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचाया गया

रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर मंडल द्वारा वर्ष 2025?26 के दौरान अब तक ऑपरेशन ?नन्हे फरिश्ते? के अंतर्गत कुल 88 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। यह अभियान न केवल रेलवे परिसर में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का माध्यम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी सशक्त उदाहरण है।

दीप चंद्र आर्य, मंडल सुरक्षा आयुक्त/रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर मंडल के मार्गदर्शन में रेलवे सुरक्षा बल नागपुर मंडल इस अभियान के अंतर्गत निरंतर सजगता एवं समर्पण के साथ कार्य कर रहा है। इस अभियान के तहत रेलगाड़ियों, स्टेशनों एवं रेलवे परिसरों में पाए जाने वाले घर से भागे, भटके अथवा परिजनों से बिछड़े नाबालिग बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया जाता है, जिससे वे मानव तस्करी, शोषण एवं अन्य सामाजिक खतरों से बच सकें।

वर्ष 2025 के दौरान ऑपरेशन ?नन्हे फरिश्ते? के अंतर्गत कुल 80 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया, जिनमें 50 नाबालिग बालक तथा 30 नाबालिग बालिकाएं शामिल हैं। वहीं वर्ष 2026 में अब तक रेलवे सुरक्षा बल नागपुर मंडल द्वारा 08 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचाया गया है। इन सभी मामलों में रेलवे सुरक्षा बल ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए बच्चों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से गलत हाथों में जाने से बचाकर सराहनीय भूमिका निभाई है। ऑपरेशन ?नन्हे फरिश्ते? केवल एक सुरक्षा अभियान नहीं, बल्कि उन बच्चों के लिए जीवन रेखा है जो परिस्थितिवश स्वयं को असुरक्षित हालातों में पाते हैं। अब तक की उपलब्धियाँ रेलवे सुरक्षा बल की सतर्कता, प्रतिबद्धता एवं सामाजिक दायित्व के प्रति अटूट संकल्प को दर्शाती हैं।

रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों की जानकारी ट्रैक चाइल्ड पोर्टल में दर्ज की जाती है तथा नियमानुसार कार्यवाही करते हुए उन्हें संबंधित जिला बाल कल्याण समिति को सौंपा जाता है, जहाँ से आवश्यक जांच एवं सत्यापन के पश्चात बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके माता-पिता अथवा परिजनों के सुपुर्द किया जाता है। रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर मंडल अपने निरंतर प्रयासों के माध्यम से न केवल बच्चों को सुरक्षित बचाने का कार्य कर रहा है, बल्कि समाज में लापता एवं भागे हुए बच्चों की समस्या के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रहा है।

रेलवे सुरक्षा बल सभी सम्मानित नागरिकों एवं यात्रियों से अपील करता है कि यदि रेलगाड़ियों, स्टेशनों अथवा रेल परिसरों में कोई नाबालिग बच्चा अपने परिजनों से बिछड़ा हुआ, घर से भागा हुआ प्रतीत हो या किसी संदिग्ध परिस्थिति में पाया जाए, तो इसकी सूचना तत्काल कार्यरत रेलवे सुरक्षा बल, शासकीय रेल पुलिस, किसी भी रेल कर्मचारी अथवा नजदीकी आरपीएफ/जीआरपी थाने को दें, जिससे बच्चों को गलत हाथों में जाने से बचाकर सुरक्षित रूप से उनके परिजनों तक पहुँचाया जा सके। रेलवे सुरक्षा बल की इस मानवीय पहल में सहभागी बनकर आप भी किसी बच्चे के सुरक्षित भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।