शांत आलापुर को अशांत करने की साजिश? 

शांत आलापुर को अशांत करने की साजिश?

पुलिस कब बेनकाब करेगी पर्दे के पीछे के चेहरे!

आखिर मास्टरमाइंड तक कब पहुँचेगी पुलिस?

आलापुर तहसील क्षेत्र में बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमाओं को साजिश के तहत क्षतिग्रस्त करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। विमावल गांव के बाद अब मसेना मिर्जापुर में स्थापित प्रतिमा को शरारती तत्वों ने फिर निशाना बनाकर पुलिस और प्रशासन को सीधी चुनौती दी है।
चुनाव नजदीक आते ही सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिशें तेज हो जाती हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर क्षेत्र में माहौल खराब करने की मंशा से बार-बार इस प्रकार की घटनाएं होना गंभीर चिंता का विषय है।अपवाद स्वरूप एक-दो मामलों को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर घटनाओं में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी और मामले ठंडे बस्ते में चले गए। पूर्व में मसेना मिर्जापुर में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक युवक की गिरफ्तारी हुई, लेकिन महज शांति भंग की आशंका में चालान कर मामले को हल्का कर दिया गया।अब पुनः हुई घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।आखिर इन घटनाओं के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है।क्यों हर बार केवल छोटी कार्रवाई कर मामला शांत कर दिया जाता है? क्या चुनावी माहौल में सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने की साजिश रची जा रही है?स्थानीय नागरिकों की मांग है कि: पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच हो। मास्टरमाइंड को चिन्हित कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रतिमा स्थलों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदारी तय करते हुए स्थायी सुरक्षा समिति बनाई जाए।पुलिस और प्रशासन चुनाव पूर्व ऐसी साजिशों को तत्परता से बेनकाब करे
आलापुर क्षेत्र का शांतिपूर्ण माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को बेनकाब करना अब समय की मांग है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो ऐसी घटनाएं सामाजिक सौहार्द के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं।अब जरूरत है पारदर्शी जांच और प्रभावी कार्रवाई की।