गोंड' किसान परिवार के लाल ने रचा सफलता का इतिहास

'गोंड' किसान परिवार के लाल ने रचा सफलता का इतिहास

CISF में चयन से गांव-क्षेत्र गौरवान्वित

टाण्डा अम्बेडकरनगर।।
"सपनों को संकल्प और मेहनत के पंख मिल जाएं तो साधन बाधा नहीं बनते" इस कथन को चरितार्थ कर दिखाया है तहसील टाण्डा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आसोपुर निवासी किसान परिवार के होनहार पुत्र जितेन्द्र कुमार गोंड ने। कड़ी मेहनत, अनुशासन और अटूट विश्वास के बल पर उन्होंने SSC GD परीक्षा के माध्यम से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में चयन प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व जितेन्द्र कुमार गोंड का चयन रेलवे सुरक्षा बल (RPF), गोरखपुर में हो चुका था, किंतु उन्होंने उसे त्याग कर राष्ट्र की व्यापक सुरक्षा में सहभागी बनने के उद्देश्य से CISF को चुना। यह निर्णय उनके देशप्रेम और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है।
जितेन्द्र कुमार गोंड एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता राम विलास गोंड कृषि कार्य से जुड़े हैं, जबकि माता एक गृहिणी हैं। परिवार में शिक्षा और परिश्रम का वातावरण रहा है।बड़े भाई अरविन्द कुमार गोंड ग्राम पंचायत आसोपुर के कोटेदार हैं, वहीं दूसरे भाई नोएडा की एक प्रतिष्ठित कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद जितेन्द्र कुमार गोंड ने कभी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। निरंतर परिश्रम, आत्मविश्वास और अनुशासन ने उन्हें सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, बड़े भाई एवं गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया।
जैसे ही CISF में चयन की खबर क्षेत्र में पहुंची, ग्राम आसोपुर सहित आसपास के इलाकों में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों, शुभचिंतकों एवं सामाजिक लोगों ने मिठाइयां बांटकर प्रसन्नता व्यक्त की और जितेन्द्र कुमार गोंड को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। वहीं जानकारी प्राप्त होने पर पहुंचे अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ अम्बेडकरनगर के युवा जिलाध्यक्ष सुनील कुमार गोंड ने कहा कि निस्संदेह, जितेन्द्र कुमार गोंड की यह सफलता ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो यह संदेश देती है कि "'कठिन परिश्रम और दृढ़ निश्चय से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं'"।