फतेहपुर डायट में शिक्षकों का महाअभ्यास संपन्न

सामाजिक विज्ञान प्रशिक्षण से मिली नई शैक्षणिक ताकत

फतेहपुर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) फतेहपुर में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के सामाजिक विज्ञान शिक्षकों के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का मंगलवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 31 जनवरी से 03 फरवरी 2026 तक चला, जिसमें जनपद भर से आए सामाजिक विज्ञान विषय के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन डायट की प्राचार्य एवं उप शिक्षा निदेशक आरती गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में किया गया। समापन अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को नवीन एवं प्रभावी शिक्षण तकनीकों से सशक्त बनाना है, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिक्षकों की अकादमिक गुणवत्ता, कार्यकुशलता एवं नवाचार क्षमता को निरंतर मजबूत करते हैं।प्रशिक्षण सत्रों के दौरान शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण विधियों, कक्षा-कक्ष में प्रभावी प्रस्तुतीकरण, पाठ्यवस्तु की सरल, रोचक एवं व्यावहारिक व्याख्या तथा छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। सत्रों में शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी रही और अनुभव साझा किए गए।प्रशिक्षण प्रदान करने में अशोक कुमार शर्मा,भागवत शरण,कुलदीप कुमार (सहायक अध्यापक) एवं कौशल कुमार अंकुर का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं कार्यक्रम के सफल संचालन में विनय कुमार मिश्र (सेवारत प्रशिक्षण प्रभारी) ने प्रशिक्षण की संपूर्ण प्रक्रिया एवं सत्रों का प्रभावी संचालन करते हुए शिक्षकों को समस्याओं के समाधान उन्मुख दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम को जिला विद्यालय निरीक्षक, फतेहपुर राकेश कुमार का विशेष सहयोग एवं मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और प्रभावशीलता और अधिक सुदृढ़ हुई।समापन अवसर पर प्रतिभागी शिक्षकों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं व्यवहारिक बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की अपेक्षा जताई। सभी प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। प्रशिक्षण के उपरांत शिक्षकों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से अपना फीडबैक भी प्रस्तुत किया।डायट फतेहपुर में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनपद में माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देने वाला साबित हुआ।