हितग्राही ने कोरिया कलेक्टर से शिकायत कर मुआवजा राशि दिलाने की मांग।

बैकुंठपुर।कोरिया जिले के शिवपुर चर्चा क्षेत्र का मामला सामने आया है, जहां भूमि अधिग्रहण के तहत दिए जाने वाले मुआवजा वितरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और फर्जीवाड़े के आरोप लगे हैं। शिवपुर-चरचा क्षेत्र में रेलवे विभाग द्वारा सामूहिक पट्टे पर दी गई भूमि के मुआवजा वितरण को लेकर प्रभावित ग्रामीणों और परिजनों ने कर्मचारियों, अधिकारियों एवं दलालों की मिलीभगत का आरोप लगाया है।

पीड़ितों का कहना है कि उनके बैंक खातों से मुआवजा राशि निकाल ली गई, लेकिन उन्हें इसकी कोई सूचना तक नहीं दी गई। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि दलालों द्वारा जिंदा व्यक्तियों के नाम से फर्जी शपथ पत्र प्रस्तुत कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई और मुआवजा भी निकाल लिया गया। पीड़ितों का दावा है कि वे स्वयं जीवित हैं, फिर भी उनकी भूमि और मुआवजा किसी और ने हड़प लिया। मामला शिवपुर स्थित खसरा नंबर 609/1 से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां रेलवे परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण किया गया था। ग्रामीणों के अनुसार, मुआवजा राशि पहले ही जारी हो चुकी है, लेकिन वास्तविक खाताधारकों को न तो कोई सूचना दी गई और न ही कोई भुगतान प्राप्त हुआ। जब उन्हें इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिली तो वे स्तब्ध रह गए। पीड़ित परिवारों ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत कलेक्टर कार्यालय और बैकुंठपुर एसडीएम कार्यालय में की है। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों, अधिकारियों और दलालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो गरीब और अशिक्षित लोग इसी तरह दलालों का शिकार बनते रहेंगे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले में मुआवजा वितरण से जुड़े मामलों में दलालों का नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है। भूमि अधिग्रहण जैसे संवेदनशील मामलों में भी बिचौलिये सक्रिय हैं, जो फर्जी दस्तावेज, शपथ पत्र और पहचान के आधार पर गरीबों के हक की राशि हड़प रहे हैं। प्रशासन की कमजोर निगरानी और उदासीनता ऐसे मामलों को बढ़ावा दे रही है। फिलहाल पीड़ितों को प्रशासन से न्याय की उम्मीद है। अब देखना यह होगा कि कलेक्टर और एसडीएम स्तर पर की गई शिकायतों पर कब और क्या कार्रवाई होती है तथा इस गंभीर मुआवजा फर्जीवाड़े में शामिल लोगों पर कब तक शिकंजा कसता है।