गोंड समाज की एकजुटता से ही सुरक्षित होगा अधिकारों का भविष्य

गोंड समाज की एकजुटता से ही सुरक्षित होगा अधिकारों का भविष्य

08 फरवरी को अम्बेडकरनगर में होगी अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ की बृहद सामाजिक बैठक

चहोड़ाघाट अम्बेडकरनगर।
गोंड आदिवासी समाज के सामाजिक, शैक्षिक एवं संवैधानिक अधिकारों को सुदृढ़ करने तथा भावी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य के निर्माण को लेकर अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ द्वारा जनपद अम्बेडकरनगर में एक बृहद सामाजिक बैठक का आयोजन किया जा रहा है। यह बैठक 08 फरवरी 2026, रविवार को प्रातः 10 बजे से अकबरपुर?बसखारी मुख्य मार्ग स्थित रुद्रपुर भगाहीं बड़ी नहर के पास ग्राम पंचायत सचिवालय में आयोजित होगी संघ के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार गोंड ने बताया कि अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. फग्गन सिंह कुलस्ते (पूर्व केंद्रीय मंत्री, भारत सरकार), राष्ट्रीय महासचिव मा. अशोक कुमार गोंड (पूर्व आईजी, नई दिल्ली), प्रदेश अध्यक्ष मा. विनय प्रकाश गोंड (विधायक, रामकोला?कुशीनगर), वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष प्रीतमनाथ गोंड एवं प्रदेश महासचिव विन्देश्वरी प्रसाद गोंड (पूर्व प्रधान) इत्यादि वरिष्ठ पदाधिकारीगणों के आदेशानुसार जिले में निर्मित सशक्त संगठन अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ अम्बेडकरनगर के बैनर तले गोंड समाज के हक-अधिकार और भविष्य निर्माण को लेकर एक बृहद सामाजिक बैठक का आयोजन सुनिश्चित हुआ है।
उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है कि जब-जब गोंड समाज संगठित होकर आगे बढ़ा है, तब-तब समाज को उसके संवैधानिक अधिकार, सम्मान और पहचान मिली है। वर्तमान समय में बदलते सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक परिदृश्य में समाज की एकता और जागरूकता पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गई है।
बैठक में गोंड समाज की शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, राजनीतिक भागीदारी तथा युवाओं और महिलाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर मंथन किया जाएगा। साथ ही समाज को संगठित कर उसकी आवाज को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।संघ की ओर से जनपद के समस्त गोंड समाज के नागरिकों, विशेषकर छात्र-छात्राओं, महिलाओं, शिक्षित बेरोजगार युवाओं एवं समाज के प्रबुद्ध वर्ग से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक बैठक को सफल बनाएं।
जिलाध्यक्ष सुनील कुमार गोंड ने कहा कि ?जब समाज जागता है, तभी इतिहास बदलता है। यह बैठक केवल चर्चा का मंच नहीं, बल्कि गोंड समाज के अधिकारों और भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम होगी।?