सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण मोबाइल और हेल्मेट न पहनना - डॉ.कप्तान सिंह

आलापुर (अंबेडकर नगर) | "नित्यप्रति बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण गाड़ी चलाते समय मोबाइल का प्रयोग और हेलमेट का प्रयोग न किया जाना है।यदि चालक इन बातों पर विशेष ध्यान दें तो दुर्घटनाओं में कमी की जा सकती है।"ये उद्गार गांधी स्मारक इंटर कॉलेज,राजेसुलतानपुर के प्रधानाचार्य डॉ. कप्तान सिंह ने व्यक्त किए।श्री सिंह कॉलेज के रासेयो शिविरार्थियों के विशेष शिविर द्वारा सड़क सुरक्षा पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। ज्ञातव्य है कि गांधी स्मारक इंटर कॉलेज, राजेसुलतानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा आयोजित विशेष शिविर के पाँचवें दिन सड़क सुरक्षा एवं सामाजिक जागरूकता को केंद्र में रखकर विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस अवसर पर सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत प्रधानाचार्य डॉ. कप्तान सिंह तथा राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, अयोध्या मंडल के अध्यक्ष डॉ. उदयराज मिश्र के नेतृत्व में जनजागरूकता रैली निकाली गई। रैली राजेसुलतानपुर संस्कृत पाठशाला से प्रारंभ होकर बांसगांव कुटी तक पहुँची। इस दौरान नुक्कड़ सभा के माध्यम से बाइक एवं कार चालकों को हेलमेट व सीट बेल्ट के प्रयोग तथा नशे की हालत में वाहन न चलाने के लिए जागरूक किया गया तथा शिविरार्थियों द्वारा मंदिर परिसर की स्वच्छता कर स्वच्छता अभियान को भी साकार किया गया। इस अवसर पर महंत बाबा राम आसरे दास ने सभी शिविरार्थियों को प्रसाद प्रदान कर आशीर्वाद दिया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र के अंतर्गत अपराह्न में ?बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ? विषय पर बौद्धिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका संचालन कार्यक्रमाधिकारी राघवेंद्र एवं सुनील कुमार ने किया। कार्यक्रम में आमंत्रित वक्ताओं ने अपने प्रेरक वक्तव्यों से शिविरार्थियों को लाभान्वित किया। वक्ताओं में प्रवक्ता डॉ. संतोष कुमार सिंह, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जनपदीय उपाध्यक्ष राजेश मिश्र, संस्कृत पाठशाला के अवकाश प्राप्त आचार्य दूधनाथ पांडे तथा प्राचार्य प्रभात तिवारी प्रमुख रूप से शामिल रहे।
बौद्धिक कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि यह रही कि शिविरार्थी छात्राओं?कृतिका जायसवाल, दिव्यांशी, सबा खातून, लक्ष्मी यादव सहित अनेक बालिकाओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की और अपने विचार प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. कप्तान सिंह ने बताया कि एनएसएस विशेष शिविर आगामी 2 फरवरी तक निरंतर संचालित रहेगा तथा 2 फरवरी के अपराह्न में शिविर का समापन कार्यक्रम पूर्ण भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा।