एटा: सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को आत्मसात कर भावी पीढ़ियों की खातिर आगे आएं सवर्ण जन प्रतिनिधि-अलंकार अग्निहोत्री।

*एटा: सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को आत्मसात कर भावी पीढ़ियों की खातिर आगे आएं सवर्ण जनप्रतिनिधि-अलंकार अग्निहोत्री.*


*संवाददाता: रमेश जादौन सिटी अपडेट न्यूज़।*

जलेसर/एटा:

घुंघरु नगरी में पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट का जगह जगह हुआ जोरदार स्वागत.

जलेसर. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नये जातिवादी नियमों और शंकराचार्य अविमुकतेश्वरानन्द से जुड़े विवाद से आहत होकर अपने सिटी मजिस्ट्रेट पद से

इस्तीफे देने के बाद चर्चा में आकर सवर्ण समाज के प्रेरणा श्रोत बने वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री शुक्रवार को अचानक घुँघरू नगरी आ पहुंचे. कुछ साल पूर्व तक उपजिलाधिकारी जलेसर रहे बरेली के निवर्तमान सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का जलेसर पहुंचने पर जगह जगह विप्र एकता मंच, सवर्ण समाज, भाकियू किसान,करणी सेना, पालिका सभासदों एवं भाजपाइयों सहित सैंकड़ो लोगों द्वारा फूल मालाओं से अभूतपूर्व स्वागत किया गया।

निधौली चौराहा स्थित वरिष्ठ भाजपा नेता लोकेन्द्र पाठक के प्रतिष्ठान पर आयोजित

प्रेस वार्ता में देश के करोड़ो हिन्दुओ के प्रेरणा श्रोत बने वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार की यूजीसी द्वारा नये कानून बना कर गत 13 जनवरी को लागू किया गया नोटिफिकेशन एवं प्रयागराज में भगवान शकराचार्य के शिष्यों के साथ बर्बरता पूर्ण की गयी मारपीट की घटना के बाद वह बुरी तरह से आहत है.इन कानूनो का विरोध एवं प्रयागराज की घटना का विरोध उनका निर्णय

व्यक्तिगत नहीं बल्कि सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि किसी धर्माचार्य शंकराचार्य के शिष्य के साथ अभद्रता सनातन समाज का घोर अपमान है। उन्होंने मीडिया के समक्ष ही सवाल उठाया कि क्या किसी की चोटी पकड़कर पिटाई की जा सकती है और क्या यह समाज स्वीकार करेगा क्या यह किसी अन्य समाज के

व्यक्ति के साथ ऐसा करने की हिम्मत कर सकते हैं । शकराचार्य जी का बिना स्नान वापस लौट जाना प्रदेश के सनातनियों के लिये शर्मनाक है. प्रदेश सरकार को इसके लिये शंकराचार्य जी से क्षमा मांग कर मामला तत्काल ही निपटा देना चाहिए था.

यूजीसी के नए नियमों पर प्रहार करते हुए हुए बरेली के निवर्तमान सिटी मजिस्ट्रेट श्री अग्निहोत्री ने इस कानून को भेदभावपूर्ण और सामान्य वर्ग को स्वघोषित अपराधी मानने

वाला बताया। उन्होंने आशंका जताई कि इन नियमों के तहत छात्रों, विशेषकर मेधावी बेटों और बेटियों का शारीरिक और मानसिक शोषण हो सकता है। उन्होंने कहा कि बिना ठोस

आधार के किसी को भी समिति के समक्ष प्रस्तुत

किया जा सकता है, जिससे मानसिक उत्पीड़न, सामाजिक बदनामी और आत्महत्याओं जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ेगा।

अलंकार अग्निहोत्री ने उच्चतम न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद देश और प्रदेश के सवर्ण जनप्रतिनिधियों को अपने पदों से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. जनप्रतिनिधियों को अकर्मण्य बताते हुए वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी ने कहा कि अधिकतर नेताओं को कानून की धाराओं की जानकारी तक नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद और विधानसभा में बिना चर्चा के हाथ उठाकर कानून पास

कर दिए जाते हैं उन्होने नेताओं और जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाते हुये कहा कि यह नेता विदेश किसी मीटिंग में नहीं पैसा जमा करने जाते हैं एक एक नेता र हजारों करोड़ की

संपत्ति होटल अन्य चीजों की जानकारी जनता को उनसे लेनी चाहिए.

देश के करोड़ो सनातनियों के लिये प्रेरणाश्रोत बने पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट ने भाजपा को एक कॉरपोरेट कंपनी बताते हुए कहा कि इसमें अधिकारी कार्यकर्ता की तरह काम करते हैं साथ ही सभी समाजों से अपील की कि वे एकजुट होकर इस कानून का विरोध करें और जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगें। उन्होंने सवर्ण समाज के युवाओं से आवहान करते हुए

कहा कि सभी स्वर्ण संगठन बाह्ममण संगठन सामान्य वर्ग हमारे साथ है, सभी हमारे समर्थन में आ चुके हैं आप उठ कर खड़े हो जाइए एक साथ खड़े हो जाइए एक स्वर से साथ

दीजिए इन भ्रष्टाचारी समाज विरोधी प्रतिनिधियों को उखाड़ फेंकिए उन्होंने किसी भी पार्टी बनाने व जाने से इंकार कर दिया।

इससे पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार

अग्निहोत्री का तहसील परिसर, आगरा चौराहा, तोप चौराहा, बाई पास, सिकंन्द्राराऊ रोड तथा मुख्य बाजार में भी कई जगह जोरदार स्वागत किया गया।


रिपोर्ट: रमेश जादौन एटा।