कोर्ट पैरोकार के आठ माह के बेटे की गले में फंसे गुब्बारे से दम घुटने पर मौत

कोर्ट पैरोकार के आठ माह के बेटे की गले में फंसे गुब्बारे से दम घुटने पर मौत

पाली, हरदोई। पाली थाने के कोर्ट पैरोकार सिपाही के आठ माह के मासूम बेटे की एक छोटे से गुब्बारे के कारण दर्दनाक मौत हो गई, गले में गुब्बारा फंसने से बच्चे की सांस रुक गई और उसकी जान चली गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

पाली थाने पर तैनात सिपाही टीटू कोर्ट पैरोकार हैं, वह अपनी पत्नी सुषमा, आठ माह के बेटे सूर्यांश और 12 वर्षीय भांजी के साथ थाना परिसर में बने सरकारी आवास में रहते हैं। शुक्रवार सुबह करीब दस बजे सिपाही टीटू थाना की डाक लेकर हरदोई चले गए, उस समय कमरे में पत्नी सुषमा, भांजी और मासूम सूर्यांश मौजूद थे। बताया गया कि सूर्यांश कमरे में गुब्बारे से खेल रहा था। खेलते-खेलते उसने गुब्बारा मुंह में रख लिया, जो सांस नली में जाकर अटक गया। सांस न मिलने से मासूम बेहोश हो गया। कुछ देर बाद जब सुषमा ने बच्चे को देखा तो उसे सोता हुआ समझा। बाद में झटके आने पर वह घबरा गई और बच्चे को लेकर कमरे से बाहर आई। सुषमा को लगा कि सर्दी के कारण बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो रही है।

घटना की जानकारी थाना परिसर में मौजूद पुलिस कर्मियों को दी गई। कांस्टेबल तेजवीर मासूम को लेकर तत्काल पाली पीएचसी पहुंचे, जहां चिकित्सक ने बच्चे को देखते ही मृत घोषित कर दिया। सुषमा ने डॉक्टर को बताया कि सूर्यांश गुब्बारे से खेल रहा था और खेलते हुए गिर गया था।

इसके बाद पुलिस कर्मी कमरे पर पहुंचे, लेकिन वहां गुब्बारा नहीं मिला। पीएचसी में मौजूद नर्स ने जांच के दौरान बच्चे के गले में उंगली डाली तो फूला हुआ छोटा गुब्बारा बाहर निकाला गया। हालांकि तब तक बहुत देर हो चुकी थी और मासूम की जान नहीं बचाई जा सकी। पीएचसी प्रभारी डॉ. आनंद शुक्ला ने बताया कि बच्चा पीएचसी पहुंचने से लगभग आधा घंटा पहले ही दम तोड़ चुका था, गले में फंसा गुब्बारा पीएचसी पर निकाला गया।

मासूम की मौत की सूचना कुछ समय तक उसकी मां को नहीं दी गई। बेटे को देखने की जिद करती सुषमा रोती-बिलखती रही, जिसे महिला कांस्टेबल संभालती रहीं। जैसे ही सिपाही टीटू को बेटे की मौत की जानकारी मिली, वह स्तब्ध रह गए। बाद में सिपाही टीटू मासूम के शव को लेकर अपने पैतृक गांव बदायूं रवाना हो गए। इस घटना से थाना परिसर समेत पूरे कस्बे में शोक का माहौल है और यह हादसा छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चेतावनी बनकर सामने आया है।