हरदोई में यूजीसी बिल 2026 को निरस्त करने की मांग, सैकड़ों छात्रों ने किया प्रदर्शन, प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा

हरदोई। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा अधिसूचित विनियम 2026 को लेकर उच्च शिक्षा जगत में असंतोष गहराता जा रहा है। इसी क्रम में सीएसएन कॉलेज के प्रोफेसर दीपक राय के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है, जिसमें यूजीसी विनियम 2026/यूआईएन: 1/2026 को निरस्त किए जाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में समता संवर्धन के नाम पर लाया गया यह कानून व्यवहारिक रूप से विभेदकारी है और इससे शैक्षणिक परिसरों में विषमता, असुरक्षा और आपसी वैमनस्य बढ़ने की आशंका है। प्रोफेसर दीपक राय का कहना है कि यह विनियम संविधान के अनुच्छेद 14 द्वारा प्रदत्त समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है तथा विशेष रूप से सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, प्राचार्यों और कुलपतियों को मानसिक, आर्थिक और सामाजिक उत्पीड़न की ओर धकेल सकता है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि उक्त कानून प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है, क्योंकि इसमें आरोपित व्यक्ति के लिए कठोर दंड का प्रावधान है, जबकि झूठे या दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाने वालों के विरुद्ध किसी प्रकार की कार्रवाई का उल्लेख नहीं है। इससे शिक्षा संस्थानों में भय और असंतुलन का माहौल बनने की संभावना जताई गई है।
प्रोफेसर राय ने कहा कि यह कानून प्रधानमंत्री के ?सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास? जैसे राष्ट्रीय अभियान के भी विपरीत है। उन्होंने आशंका जताई कि यह विनियम समाज और शैक्षणिक संस्थानों को जाति, वर्ग और धर्म के आधार पर विभाजित कर सकता है, जिससे ?एक भारत-श्रेष्ठ भारत? की अवधारणा को गहरी चोट पहुंचेगी।
ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार से मांग की गई है कि देशहित और शिक्षा जगत की एकता को ध्यान में रखते हुए यूजीसी विनियम 2026 को तत्काल निरस्त किया जाए।