गणतंत्र दिवस पर संविधान निर्माता की उपेक्षा,रेंजर अखिलेश दुबे की भूमिका सवालों के घेरे में! 

चंदौली। गणतंत्र दिवस जैसे संवैधानिक महत्व के राष्ट्रीय पर्व पर जहां संविधान और उसके निर्माता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करना अनिवार्य है वहीं काशी वन्य जीव प्रभाग रामनगर के अन्तर्गत चन्द्रप्रभा रेंज के क्षेत्रीय वन आधिकारी अखिलेश कुमार दूबे द्वारा आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में गंभीर लापरवाही सामने आई है अन्य महापुरुषों के तेलचित्रों पर विधिवत माल्यार्पण किया गया लेकिन संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर कार्यक्रम स्थल पर नहीं लगाई गई।

यह घटना उत्तर प्रदेश शासन द्वारा समय-समय पर जारी स्पष्ट शासनादेशों की खुली अवहेलना मानी जा रही है। शासन के निर्देशों के अनुसार गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस सहित सभी राष्ट्रीय पर्वों एवं शासकीय कार्यक्रमों में डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित महापुरुषों के चित्रों को सम्मानपूर्वक प्रदर्शित करना अनिवार्य है। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली अधिकारियों को संविधान के मूल्यों सामाजिक न्याय और शासन के आदेशों के पालन के लिए बाध्य करती है।

ऐसे में एक जिम्मेदार वन अधिकारी द्वारा इन नियमों की अनदेखी करना केवल प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि संवैधानिक मूल्यों के प्रति गंभीर असंवेदनशीलता को दर्शाता है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस मामले में संबंधित रेंजर के विरुद्ध विभागीय जांच और कार्रवाई की जाएगी ! यदि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई तो गणतंत्र दिवस जैसे पर्वों की गरिमा और शासन की मंशा दोनों पर प्रश्नचिह्न लगना तय है।