चंदौली में एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास, सीजेआई व मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति

चंदौली।शनिवार को चंदौली जनपद में एकीकृत न्यायालय परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा, न्यायमूर्ति पंकज मित्थल, न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली, वरिष्ठ न्यायमूर्ति एवं अवस्थापना समिति के अध्यक्ष महेश चंद्र त्रिपाठी सहित उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश उपस्थित रहे। दोपहर लगभग पौने बारह बजे दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत हुई।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित 10 नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स न्यायिक ढांचे को सुदृढ़ बनाएंगे और यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा। उन्होंने कहा कि जिला न्यायालयों की स्थापना का उद्देश्य आम लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है, और ये कोर्ट कॉम्प्लेक्स उस दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होंगे। साथ ही उन्होंने महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग बार तथा परिसर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए न्यायपालिका का सशक्त होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि चंदौली के लिए लगभग 286 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं और शिलान्यास के बाद निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। इस अवसर पर महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया सहित छह जनपदों के एकीकृत न्यायालय परिसरों के निर्माण का भी शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ताओं की बैठने की व्यवस्था को लेकर कुछ समय के लिए असंतोष भी देखने को मिला, जिसे प्रशासन ने बाद में शांत करा लिया।