उपमुख्यमंत्री के गृह जनपद में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल, हरदोई के शाहाबाद में नाले में तैरती मिली लाखों की सरकारी दवाइयां, नहीं थी एक्सपायर

हरदोई। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के गृहजनपद हरदोई में स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। तहसील शाहाबाद क्षेत्र में सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में वितरित की जाने वाली लाखों रुपये मूल्य की दवाइयां एक नाले में तैरती हुई पाई गईं। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों ने नाले में बड़ी मात्रा में पड़ी दवाइयों को देखा, जिसके बाद मामले की जानकारी प्रशासन को दी। नाले में खांसी के सिरप, आयरन की गोलियां, गर्भवती महिलाओं के लिए दी जाने वाली जरूरी दवाइयां सहित अन्य जीवनरक्षक औषधियां पाई गईं। हैरानी की बात यह रही कि बरामद की गई दवाइयां एक्सपायर नहीं थी और अधिकांश दवाओं पर उत्तर प्रदेश सरकार का लोगो भी अंकित था। इससे यह आशंका गहराती है कि उपयोग योग्य दवाओं को लापरवाहीपूर्वक नष्ट किया गया है।
सरकारी दवाइयों का इस तरह खुले नाले में फेंका जाना न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि आमजन, विशेषकर गर्भवती महिलाओं और जरूरतमंद मरीजों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ है। यदि ये दवाइयां स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाई जाती तो सैकड़ों मरीजों को लाभ मिल सकता था।
घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मामले की जांच कराई जा रही है। इस प्रकरण ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत को उजागर कर दिया है।