मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर मांगी मन्नतें

डलमऊ,रायबरेली।कड़ाके की ठण्ड के बावजूद हजारों संख्या में लोगों ने डलमऊ के गंगा तट स्थित घाटों पर गंगा में डुबकी लगाकर मन्नतें मांगी।रविवार को मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर कड़ाके की ठण्ड के बावजूद पतित पावनी माँ गंगा तट पर स्थित डलमऊ नगरी के संकट मोचन घाट,वीआईपी घाट,सड़क घाट, पथवारी घाट सहित सभी सोलह घाटों पर गंगा में डुबकी लगायी और तटों पर स्थित सिद्ध मंदिरों में पूजा अर्चना कर मन्नत मांगने के साथ ही दान भी किया,सतयुगमें जो पुण्य तप से मिलता है द्वापर में हरि भक्ति से त्रेता में ज्ञानसे कलियुग में दान से लेकिन माघ मास में माँ गंगा में स्नान हर युग में अन्नंत पुण्यदायी होता है,मौनी अमावस्या को पवित्र मां गंगा में स्नान के पश्चात अपने सामर्थ के अनुसार अन्न,वस्त्र,धन,गौ,भूमि, स्वर्ण,जो भी आपकी इच्छा हो दान करने असीम पुण्य की प्राप्ति होती है,इस दिन तिल दान भी उत्तम कहा गया है,इस तिथि को मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है अर्थात मौन अमवस्या,इस व्रत में व्रत करने वाले को पूरे दिन मौन व्रत का पालन करना होता इसलिए यह योगपर आधारित व्रत कहलाता है।इसी तिथि को संतों की भांति चुप रहें तो उत्तम है अगर संभव नहीं हो तो अपने मुख से कोई भी कटु शब्द न निकालें।इस तिथि को भगवान विष्णु और शिव जी दोनों की पूजा का विधान है।वास्तव में शिव और विष्णु दोनों एक ही हैं जो भक्तो के कल्याण हेतु दो स्वरूप धारण करते हैं इस बात का उल्लेख स्वयं भगवान ने किया है।नगर पंचायत अध्यक्ष बृजेश दत्त गौड़ ने बताया की ठण्ड को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए अलाव की भी व्यवस्था की गयी थी।पुलिस विभाग को तरफ से सुरक्षा के भी प्रबन्ध किये गए थे।वही स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं द्वारा खोचडी भोज कराया गया जिसमे सैकडो लोग मौजूद रहे।