वैष्णो देवी यात्रा में भक्तों का उत्साह चरम पर, आसानी से हो रहे माता के दर्शन

वैष्णो देवी यात्रा पूरी तरह सुचारु, हेलीकॉप्टर-बैटरी कार समेत सभी सुविधाएं उपलब्ध, भक्तों में दिखा उत्साह

जम्मू। मां वैष्णो देवी के दरबार में इन दिनों श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। यात्रा पूरी तरह सुचारु रूप से जारी है और सभी प्रमुख मार्ग श्रद्धालुओं के लिए खुले हैं। हेलीकॉप्टर, बैटरी कार, घोड़ा-पिट्ठू और पालकी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होने से श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा पूरी कर रहे हैं और आसानी से मां के भवन तक पहुंचकर दिव्य दर्शन कर रहे हैं।

मंगलवार को दिनभर मौसम साफ रहा। सुबह और रात के समय हल्की ठंड का एहसास श्रद्धालुओं की यात्रा को सुहावना बना रहा है, जबकि दोपहर में तेज धूप और उमस के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। यात्रा मार्ग पर बनाए गए विश्राम स्थलों में कुछ देर आराम करने के बाद श्रद्धालु जय माता दी के जयकारों के साथ फिर भवन की ओर बढ़ते रहे।

यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। आपदा प्रबंधन दल, पुलिस, सीआरपीएफ के जवान और संबंधित विभागों की टीमें लगातार मार्गों की निगरानी कर रही हैं। जगह-जगह दिशा-सूचक बोर्ड और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान सहयोग प्रदान कर रही हैं।

मां वैष्णो देवी भवन पहुंचकर श्रद्धालु माता के दिव्य दर्शन कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। दर्शन के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु भैरव घाटी पहुंचकर बाबा भैरवनाथ के चरणों में भी हाजिरी लगा रहे हैं। यात्रा पूरी करने के बाद श्रद्धालु कटड़ा बाजार पहुंचकर प्रसाद और अन्य सामान की खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बाजारों में भी रौनक बनी हुई है।

मंगलवार को श्रद्धालु पंजीकरण कराने के बाद परिवार और मित्रों के साथ जयकारे लगाते हुए भवन की ओर रवाना होते रहे। सोमवार को करीब 22 हजार श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के चरणों में हाजिरी लगाई थी। वहीं मंगलवार दोपहर 2 बजे तक करीब 13 हजार श्रद्धालु पंजीकरण कराकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे। श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी रहा।

यात्रा की सभी प्रमुख सुविधाओं के उपलब्ध रहने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। मां के जयकारों से यात्रा मार्ग गूंज रहा है और भक्त पूरे विश्वास एवं श्रद्धा के साथ माता के दरबार की ओर बढ़ रहे हैं।