मलोट में शुरू हुआ नया गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल, किसानों और कारोबारियों को मिलेगा सीधा लाभ

मलोट में शुरू हुआ नया गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल, किसानों और कारोबारियों को मिलेगा सीधा लाभ

पंजाब के कृषि उत्पादों की रेल से होगी तेज ढुलाई, हर माह 5 से 6 मालगाड़ियों के संचालन की उम्मीद

उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल ने पंजाब के मलोट स्टेशन पर नवनिर्मित गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल (जीसीटी) को व्यावसायिक रूप से शुरू करने की घोषणा की है। एलएजीएम कोड वाले इस टर्मिनल का विकास लीप एग्री लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया है। यह टर्मिनल केंद्र सरकार की गति शक्ति पहल के तहत माल ढुलाई के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मलोट क्षेत्र कृषि उत्पादों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में नए कार्गो टर्मिनल से किसानों, व्यापारियों और लॉजिस्टिक्स कारोबार से जुड़े लोगों को माल की ढुलाई में सुविधा मिलेगी। टर्मिनल के माध्यम से विशेष रूप से अनाज की रेल आधारित ढुलाई की जाएगी, जिससे परिवहन में लगने वाला समय और लॉजिस्टिक्स लागत कम होने की उम्मीद है।

पंजाब से दूसरे राज्यों तक पहुंचेगा अनाज

टर्मिनल को माल ढुलाई कार्यों के लिए व्यावसायिक रूप से अधिसूचित कर दिया गया है। शुरुआती चरण में यहां से पंजाब के बाहर के विभिन्न गंतव्यों के लिए अनाज की लोडिंग की जाएगी। रेलवे के अनुसार, जल्द ही यहां से हर महीने करीब 5 से 6 मालगाड़ियों के रेक संचालित होने की संभावना है।

इससे न केवल क्षेत्र में माल परिवहन की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि अंबाला मंडल के माल ढुलाई और राजस्व प्रदर्शन में भी सकारात्मक योगदान मिलने की उम्मीद है।

रेल माल ढुलाई को मिलेगा बढ़ावा

मलोट का यह गति शक्ति कार्गो टर्मिनल भारतीय रेलवे की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत देशभर में मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनलों का विस्तार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पहले और अंतिम चरण की माल ढुलाई कनेक्टिविटी को बेहतर करना तथा माल परिवहन में रेलवे की हिस्सेदारी बढ़ाना है।

उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल के अनुसार, देशभर में अब तक 142 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू किए जा चुके हैं। इनकी कुल माल हैंडलिंग क्षमता करीब 224 मिलियन टन प्रतिवर्ष है। वर्ष 2025-26 के दौरान इन टर्मिनलों के माध्यम से लगभग 146 मिलियन टन माल की हैंडलिंग की गई।

मलोट में नए टर्मिनल की शुरुआत को अंबाला मंडल की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे क्षेत्रीय कृषि उत्पादों को बड़े बाजारों तक रेल के माध्यम से पहुंचाने में मदद मिलेगी और माल ढुलाई के लिए अधिक तेज, व्यवस्थित तथा लागत प्रभावी परिवहन विकल्प उपलब्ध होगा।