भूस्खलन के बीच उत्तर रेलवे की त्वरित पहल, 400 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित पहुंचाया

दिशिमला-कालका यूनेस्को विश्व धरोहर रेल खंड पर कोटी और घुम्मन स्टेशनों के बीच पुल संख्या 57 के पास हुए भूस्खलन के बाद उत्तर रेलवे ने तेजी से कार्रवाई करते हुए यात्रियों की सुरक्षा और उनकी आगे की यात्रा सुनिश्चित की। रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था कर 400 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित कालका पहुंचाया।

भूस्खलन के चलते सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चार ट्रेनों को सोलन, कोटी और धर्मपुर हिमाचल स्टेशनों पर ही समाप्त कर दिया गया। इसके बाद यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रेलवे की ओर से 5 बड़ी बसों और 2 टेंपो ट्रैवलर समेत सात वाहनों की व्यवस्था की गई।

391 यात्रियों और रेलकर्मियों को सुरक्षित पहुंचाया

स्थानीय परिचालन टीमों के समन्वय से करीब 391 यात्रियों, 40 ट्रेन क्रू और आईआरसीटीसी कर्मचारियों को सुरक्षित रूप से कालका स्टेशन लाया गया। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा की निगरानी रेलवे अधिकारियों एवं ट्रेन में तैनात टिकट जांच कर्मचारियों ने स्वयं की।

यात्रियों के लिए भोजन और पानी की भी व्यवस्था

कालका स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों को तत्काल राहत उपलब्ध कराई गई। रेलवे की ओर से 250 भोजन पैकेट और पानी की बोतलें वितरित की गईं। स्थानीय यात्रियों को उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया, जबकि करीब 120 यात्रियों को ट्रेन संख्या 13052 में समायोजित किया गया। यात्रियों की सुविधा के लिए इस ट्रेन को विशेष रूप से रात 1:30 बजे के लिए पुनर्निर्धारित किया गया।

उत्तर रेलवे की त्वरित कार्रवाई, बेहतर समन्वय और यात्रियों के प्रति संवेदनशील रवैये के चलते पूरा अभियान सुचारू रूप से संपन्न हुआ। रेलवे के अनुसार, इस दौरान यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई और किसी यात्री को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।