ट्रेडिंग में 100 फीसदी रिटर्न का झांसा, सवा करोड़ की ठगी का आरोप, कथित सिंडिकेट पर हरदोई पुलिस का शिकंजा

हरदोई। बिलग्राम कस्बे में ट्रेडिंग के नाम पर युवाओं और छात्रों को 100 प्रतिशत रिटर्न का लालच देकर कथित तौर पर सवा करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ितों की शिकायत और एंटी-फ्रॉड सेल की जांच रिपोर्ट के बाद बिलग्राम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मामले में लखनऊ के बालागंज निवासी विजय शंकर शुक्ला को मुख्य आरोपी बताया गया है। आरोप है कि वह फर्जी पहचान पत्र, आधार-पैन और कई सिम कार्डों का इस्तेमाल कर कथित सिंडिकेट संचालित करता था। उसके साथ गोरखपुर निवासी अंजना पाठक, बिलग्राम निवासी शुभ नारायण मिश्रा और निर्भय प्रताप सिंह समेत कई युवक-युवतियों के जुड़े होने का आरोप है। पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है।
पीड़ितों के मुताबिक, शुभम दीक्षित से करीब 28 लाख, धीरज गुप्ता से साढ़े पांच लाख, हिमांशु त्रिपाठी से 20.50 लाख, आयुष दीक्षित से करीब 65 लाख और प्रतीक सोनी से करीब ढाई लाख रुपये लिए गए। वहीं उत्कर्ष मिश्रा, निशांत त्रिपाठी निवासी लखीमपुर और हर्षित शुक्ला से संयुक्त रूप से करीब 22 लाख रुपये लिए जाने का आरोप है।
शुभम दीक्षित का आरोप है कि जुलाई 2025 में लखनऊ के एक अस्पताल में बच्चे के इलाज के दौरान उसकी मुलाकात विजय शंकर से हुई थी। आरोप है कि बच्चे की गंभीर हालत के बीच उसे ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का भरोसा दिलाकर रकम निवेश कराई गई।
पीड़ितों का कहना है कि भरोसा कायम करने के लिए ?GEPL CAPITAL INDIA LIMITED? जैसी कंपनियों के नाम का इस्तेमाल किया गया और 100 प्रतिशत रिटर्न का लालच दिया गया। बाद में रकम वापस नहीं की गई।
ठगी की रकम से लखनऊ के सरयू एंक्लेव, गोल्फ सिटी और बुद्धेश्वर क्षेत्र में महंगे फ्लैटों में रहने और लग्जरी वाहनों के इस्तेमाल का भी आरोप है।
पुलिस ने मामले की जांच उपनिरीक्षक श्री प्रकाश को सौंपी है। बैंक खातों, कॉल रिकॉर्डिंग, व्हाट्सऐप चैट और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस अन्य संदिग्धों की भूमिका भी खंगाल रही है।