गुरुद्वारे के चंदे के दुरुपयोग के मामले में डीएम ने दिए प्रशासनिक जांच के आदेश

कानपुर (महेश प्रताप सिंह).गुरुद्वारे के चंदे के दुरुपयोग का मामला,गुरु सिंह सभा अध्यक्ष हरविंदर लॉर्ड पर गम्भीर आरोप लगाते हुए सिख समुदाय के लोगों ने डीएम को सौपा ज्ञापन। डीएम विशाख जी अय्यर ने दिए जांच के आदेश। जांच कमेटी 15 दिन में सौंपेगी अपनी रिपोर्ट।

एडीएम के नेतृत्व में डीएम ने बनाई पांच सदस्यीय कमेटी

कानपुर में बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोगों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा है। जिसमें शहर के 3 प्रमुख सिख ऑर्गेनाइजेशन और सिख जनता ने कानपुर गुरु सिंह सभा अध्यक्ष हरविंदर सिंह लार्ड पर गुरुद्वारे के चंदे का दुरुपयोग करने का आरोप लगाकर दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी की तर्ज पर कानपुर में चुनाव कराने संबंधित बातें लिखी गई है। डीएम विशाख अय्यर ने इस मामले को संज्ञान लेते हुए और उसकी गंभीरता को समझते हुए एक जांच कमेटी बनाई है। जो 15 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट डीएम को सौपेगी। डीएम ने बताया कि इस रिपोर्ट में सिख समुदाय के लोगों से भी बात करी जाएगी और उनके स्टेटमेंट भी लिए जाएंगे क्योंकि यह कोऑपरेटिव सोसाइटी का मामला है तो उनकी पदाधिकारियों को भी जांच में शामिल करा जाएगा।आरोपों के मुताबिक सालों से हरविंदर सिंह लॉर्ड गुरुद्वारे के नाम पर मिल रहे करोड़ों रुपए के चंदे का दुरुपयोग करते आए हैं, ना कभी हिसाब पब्लिक किया है, वरना चुनाव निष्पक्ष तरीके से हुआ है। सिखों की मांग है कि कानपुर गुरुद्वारा कमेटी के संविधान को बदल कर 18 साल की उम्र के ऊपर सिखों को वोटिंग राइट दिया जाए। सबको वोट डालने का अधिकार मिले और प्रशासन की निगरानी में पूरा चुनाव कराया जाए। समुदाय के लोगों ने आरोप लगाया कि गुरु सिंह सभा अध्यक्ष ने इस संस्था को प्राइवेट कंपनी बना दिया है। मलिन बस्ती में चल रहे चैरिटेबल हॉस्पिटल जो सबके लिए फ्री था,उसे प्राइवेट हाथो में देकर लाखो रुपए महीने का किराया वसूल रहे हैं। साथ ही प्रेम नगर में गुरुद्वारे को कमर्शियल कर वहा फ्लैट और दुकानें बना दी गई है। शहर का सिख समुदाय आक्रोशित है,अगर इस पर एक्शन नहीं लिया गया तो सड़को पर प्रदर्शन करने को सिख समुदाय मजबूर होगा।