उत्तर पश्चिम रेलवे में ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ स्वच्छता अभियान, महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने किया श्रमदान

जयपुर। रेल परिसरों और ट्रेनों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के उद्देश्य से उत्तर पश्चिम रेलवे में 1 अक्टूबर को ?एक दिन, एक घंटा, एक साथ? विशेष स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया। उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पंकज शर्मा सहित मुख्यालय और चारों मंडलों के वरिष्ठ अधिकारियों, मंडल रेल प्रबंधकों, रेल कर्मचारियों और अन्य स्टाफ ने विभिन्न रेलवे परिसरों में श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया।

जयपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने स्काउट एवं गाइड की स्वच्छता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद उन्होंने स्वच्छता प्रदर्शनी का अवलोकन किया और अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ स्वच्छता गतिविधियों में हिस्सा लेकर श्रमदान किया। उन्होंने रेलवे परिसर और ट्रेनों को स्वच्छ रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान सफाईकर्मियों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया गया। महाप्रबंधक ने सफाईकर्मियों के स्वास्थ्य जांच के लिए लगाए गए शिविर का उद्घाटन किया और कर्मचारियों से संवाद कर उनकी दैनिक कार्यप्रणाली और कार्य के दौरान आने वाली चुनौतियों की जानकारी ली।

महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने कहा कि स्वच्छता सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। रेलवे का विशाल नेटवर्क होने के कारण बड़ी संख्या में यात्री प्रतिदिन स्टेशनों और रेलवे परिसरों का उपयोग करते हैं। ऐसे में यात्रियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना रेलवे की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने यात्रियों से भी स्वच्छता अभियान में सहयोग करने और रेलवे परिसरों एवं ट्रेनों को साफ रखने की अपील की।

उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय के साथ जयपुर, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर मंडलों में भी एक साथ विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं। रेलवे स्टेशनों, प्लेटफॉर्म, सर्कुलेटिंग एरिया, यात्री सुविधाओं, कार्यालय परिसरों, पार्किंग स्थलों, फुट ओवरब्रिज, प्रतीक्षालय और आसपास के क्षेत्रों में सफाई की गई।

अधिकारियों और कर्मचारियों ने कचरे को एकत्र कर निर्धारित स्थानों तक पहुंचाया और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए। कार्यक्रम के माध्यम से अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन को यह संदेश दिया गया कि सामूहिक प्रयासों से रेलवे परिसरों और ट्रेनों को स्वच्छ, सुंदर और बेहतर बनाया जा सकता है।