हरदोई में सपा नेता शराफत अली के बयान पर सियासी घमासान, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती ने जताई नाराजगी, बोली- संविधान ने दिया सम्मान और अधिकार

हरदोई। समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शराफत अली के वायरल वीडियो को लेकर हरदोई में सियासी विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो को पीडीए पंचायत का बताया जा रहा है। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती पीके वर्मा को लेकर जातिसूचक टिप्पणी किए जाने का आरोप है। वीडियो में शराफत अली आरक्षण और प्रेमावती की सामाजिक पृष्ठभूमि को लेकर टिप्पणी करते सुनाई दे रहे हैं।
मामले पर पलटवार करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती ने कहा कि वह 18 वर्ष की उम्र में विवाह के बाद ससुराल आई थी। उन्होंने पढ़ाई पूरी कर शिक्षक की नौकरी हासिल की और परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए बच्चों की परवरिश की। उन्होंने कहा कि वह पढ़ी-लिखी महिला हैं और उन्हें अपनी सामाजिक पृष्ठभूमि पर गर्व है।
प्रेमावती ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान ने उन्हें अधिकार और सम्मान दिया, जिसके कारण वह आज इस पद तक पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि टिप्पणी को लेकर वह शराफत अली के खिलाफ पुलिस में शिकायत कर एफआईआर दर्ज कराने की मांग करेंगी। साथ ही उन्होंने सपा नेतृत्व से भी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि शराफत अली महिलाओं को लेकर बार-बार आपत्तिजनक बयान देते हैं। वहीं भाजपा नेता आरिफ खान शानू ने भी बयान पर आपत्ति जताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि शराफत अली इससे पहले भी वायरल वीडियो को लेकर विवादों में रहे हैं। जून 2026 में उनके कथित वीडियो के बाद सपा ने हरदोई की जिला कार्यकारिणी भंग कर दी थी और उन्हें जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया गया था।