सोनिया कुशवाहा रचेंगी नया इतिहास, माउंट कुन अभियान के लिए झंडी दिखाकर रवाना

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे की प्रतिभाशाली खिलाड़ी और पर्वतारोही सोनिया कुशवाहा माउंट कुन की 7,077 मीटर ऊंची चोटी फतह करने के ऐतिहासिक अभियान पर रवाना हो गई हैं। उत्तर मध्य रेलवे खेल संघ की ओर से शुक्रवार को महाप्रबंधक कार्यालय में विदाई एवं झंडी दिखाकर रवाना करने का समारोह आयोजित किया गया। महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने सोनिया कुशवाहा को राष्ट्रीय ध्वज सौंपकर अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं।

लद्दाख की ज़ंस्कार पर्वत श्रृंखला में स्थित माउंट कुन देश की प्रमुख सात हजार मीटर ऊंची चोटियों में शामिल है। यह अभियान तकनीकी ग्लेशियर और बर्फ पर चढ़ाई की कठिन चुनौतियों के लिए जाना जाता है। सोनिया इस ऊंचाई पर चढ़ाई का प्रयास करने वाली भारतीय रेल की पहली महिला पर्वतारोही बनकर नया इतिहास रचने जा रही हैं।

हॉकी की खिलाड़ी से पर्वतारोहण की ऊंचाइयों तक

झांसी मंडल के वाणिज्य विभाग में कार्यरत सोनिया कुशवाहा हॉकी की कुशल खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने गोलकीपर के रूप में उत्तर मध्य रेलवे और भारतीय रेल का प्रतिनिधित्व किया है तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर रेलवे का गौरव बढ़ाया है। खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के बाद अब वह पर्वतारोहण के क्षेत्र में भी नई उपलब्धियां हासिल कर रही हैं।

सोनिया के नाम कई उल्लेखनीय पर्वतारोहण उपलब्धियां दर्ज हैं। उन्होंने वर्ष 2023 में सिक्किम की रेनोक पीक, करीब 15,500 फीट की ऊंचाई तक सफल चढ़ाई की। वर्ष 2024 में उत्तराखंड के थलय सागर कैंप-2 तक 17,388 फीट की ऊंचाई हासिल की। वर्ष 2025 में हिमाचल प्रदेश के माउंट शिनकुन वेस्ट पर 20,219 फीट तक पहुंचीं, जबकि माउंट रामजक के कैंप-2 में 17,060 फीट की ऊंचाई तक चढ़ाई की।

रेलवे परिवार को सोनिया पर गर्व

समारोह में उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह सहित प्रधान विभागाध्यक्षों ने सोनिया कुशवाहा के साहस, समर्पण और उपलब्धियों की सराहना की। उत्तर मध्य रेलवे परिवार ने उनके सुरक्षित, सफल और शानदार अभियान की कामना करते हुए हरसंभव सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर उत्तर मध्य रेलवे खेल संघ के अध्यक्ष शशि प्रकाश द्विवेदी, उपाध्यक्ष बी.पी. सिंह, महासचिव गौतम जैन सहित खेल संघ के अधिकारी और खिलाड़ी मौजूद रहे। सोनिया का यह अभियान न केवल उत्तर मध्य रेलवे बल्कि पूरे भारतीय रेल परिवार के लिए गौरव का विषय बन गया है।