यात्री सेवाओं से लेकर माल परिवहन तक, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने हासिल की उल्लेखनीय उपलब्धियां

यात्री सेवाओं से लेकर माल परिवहन तक, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने हासिल की उल्लेखनीय उपलब्धियां

2026 में 14 जोड़ी नई ट्रेनें शुरू, विशेष ट्रेनों के 674 फेरे संचालित; माल लोडिंग में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी

गुवाहाटी। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने वर्ष 2026 में यात्री सुविधाओं, ट्रेन संचालन, आधारभूत ढांचे और माल परिवहन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। नई रेल सेवाओं के विस्तार और आधुनिक यात्री सुविधाओं के विकास से पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को मजबूती मिली है।

वर्ष 2026 में अब तक 14 जोड़ी नई ट्रेन सेवाएं शुरू की गई हैं। इनमें वंदे भारत स्लीपर, अमृत भारत तथा मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं। यात्रियों की अतिरिक्त मांग को पूरा करने के लिए नियमित और विशेष ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी लगाए गए हैं। इस दौरान 674 विशेष ट्रेन फेरे संचालित किए गए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक हैं। इनमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए संचालित 92 फेरे भी शामिल हैं।

अगरतला-करीमगंज के बीच शुरू हुई पहली मेमू सेवा

पूर्वोत्तर में स्थानीय रेल संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में जुलाई 2026 में अगरतला और करीमगंज के बीच पहली मेमू सेवा शुरू की गई। इससे क्षेत्र के यात्रियों को तेज और सुविधाजनक रेल परिवहन का लाभ मिला है।

यात्री सुविधाओं में हुआ व्यापक विस्तार

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने यात्री सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 230 यात्री आरक्षण केंद्रों को नेक्स्ट जेनरेशन जीयूआई आधारित यात्री आरक्षण प्रणाली में परिवर्तित किया गया है। न्यू जलपाईगुड़ी और गुवाहाटी स्टेशनों पर नई यात्री सुविधाएं विकसित की गई हैं।

इसके अलावा 49 ट्रेनों में पैंट्री सेवा, आठ स्टेशनों पर एकीकृत यात्री सूचना प्रणाली और चार स्टेशनों पर 10 नई लिफ्ट स्थापित की गई हैं। यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में ?ईट राइट? प्रमाणन वाले स्टेशनों और परिसरों की संख्या बढ़कर 25 स्टेशन और चार परिसर हो गई है।

माल परिवहन को भी मिली नई रफ्तार

माल परिवहन के क्षेत्र में भी पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। हावाईपुर और बाईहाटा में गति शक्ति कार्गो टर्मिनल सहित सात नए माल टर्मिनल शुरू किए गए हैं। अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान माल लोडिंग में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

इस दौरान सीमेंट की लोडिंग में 160 प्रतिशत, जबकि डोलोमाइट की लोडिंग में 28.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। जुलाई 2026 में भारत से पहली कंटेनर ट्रेन के नेपाल पहुंचने से भारत-नेपाल के बीच क्षेत्रीय माल परिवहन संपर्क को भी नई मजबूती मिली है।

जोगीघोपा एमएमएलपी को रेल कनेक्टिविटी से जोड़ा

जोगीघोपा रेलवे स्टेशन यार्ड और जोगीघोपा मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क के बीच ट्रैक जोड़ने का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। इससे मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क को सुगम रेल कनेक्टिविटी मिलेगी और माल परिवहन की क्षमता को और बढ़ावा मिलेगा।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की ये उपलब्धियां क्षेत्र में बेहतर यात्री सुविधाओं, मजबूत रेल कनेक्टिविटी, बढ़ी हुई परिचालन क्षमता और तेज माल परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। रेलवे की इन पहलों से पूर्वोत्तर के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।