नावां सिटी स्टेशन पर ‘संरक्षा संवाद’, सुरक्षित रेल संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में सुरक्षित एवं संरक्षित रेल संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नावां सिटी रेलवे स्टेशन पर ?संरक्षा संवाद? का आयोजन किया गया। मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में अपर मंडल रेल प्रबंधक करनी राम ने रेलकर्मियों से संवाद किया और स्टेशन का निरीक्षण कर यात्री सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

रेलकर्मियों को सतर्कता और सजगता का संदेश

संरक्षा संवाद के दौरान एडीआरएम करनी राम ने स्टेशन पर कार्यरत रेलकर्मियों से सीधे संवाद करते हुए कार्य के दौरान सतर्कता, सजगता और निर्धारित संरक्षा नियमों के पूर्ण पालन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित रेल संचालन में प्रत्येक रेलकर्मी की भूमिका महत्वपूर्ण है और किसी भी परिस्थिति में संरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कर्मचारियों को कार्यस्थल पर सावधानी बरतने, निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करने तथा किसी भी असामान्य स्थिति की तत्काल सूचना संबंधित अधिकारियों को देने के लिए जागरूक किया।

स्टेशन का निरीक्षण कर यात्री सुविधाओं का लिया जायजा

संरक्षा संवाद के साथ अधिकारियों ने नावां सिटी स्टेशन के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। स्टेशन परिसर, स्टेशन कक्ष, प्लेटफॉर्म, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता सहित विभिन्न यात्री सुविधाओं का जायजा लिया गया।

अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कर्मचारियों के सुझावों पर भी हुई चर्चा

कार्यक्रम के दौरान रेलकर्मियों से उनके कार्यक्षेत्र से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई और उनके सुझाव भी लिए गए। अधिकारियों ने कर्मचारियों को टीम भावना के साथ कार्य करते हुए संरक्षा को हर स्तर पर सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर दूरसंचार अनुपम कुमार, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक लोकेश कुमार, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर बिजली हरीश, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर टीआरडी महेंद्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं नावां सिटी स्टेशन पर कार्यरत रेलकर्मी मौजूद रहे।

संरक्षा संवाद के माध्यम से रेलकर्मियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही यात्रियों को बेहतर एवं सुरक्षित रेल यात्रा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया गया।