‘नन्हे फरिश्ते’ बने आरपीएफ जवान, 34 लापता बच्चों को परिजनों से मिलाया

जम्मू। रेलवे सुरक्षा बल ने बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए चलाए जा रहे ?ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते? के तहत जम्मू मंडल में सराहनीय कार्य किया है। वर्ष 2026 के दौरान आरपीएफ ने रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों से 34 लापता एवं बिछड़े नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बरामद कर उनके परिजनों से मिलाया।

रेस्क्यू किए गए 34 बच्चों में 24 नाबालिग लड़के और 10 नाबालिग लड़कियां शामिल हैं। आरपीएफ जवानों ने रेलवे परिसर में भटके, परिवार से बिछड़े या घर से निकले बच्चों की पहचान कर उन्हें तत्काल सुरक्षा प्रदान की।

बच्चों को रेस्क्यू करने के बाद उन्हें भोजन और आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई गई। इसके बाद नियमानुसार उन्हें बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने और पहचान सत्यापित होने के बाद सभी बच्चों को सुरक्षित उनके माता-पिता एवं परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

मंडल रेल प्रबंधक जम्मू विवेक कुमार ने आरपीएफ के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा रेलवे की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ?नन्हे फरिश्ते? अभियान के माध्यम से रेलवे परिसर में असुरक्षित स्थिति में मिलने वाले बच्चों को संरक्षण देने और उन्हें उनके परिवार तक पहुंचाने का कार्य लगातार जारी रहेगा।

आरपीएफ के जवान रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में लगातार निगरानी एवं गश्त कर रहे हैं। यह अभियान बच्चों को तस्करों, अपराधियों और गलत संगति के चंगुल में जाने से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखें। यदि कोई बच्चा रेलवे स्टेशन या ट्रेन में अकेला अथवा भटका हुआ दिखाई दे तो तत्काल आरपीएफ हेल्पलाइन 139 या नजदीकी आरपीएफ पोस्ट को सूचना दें।