प्रयागराज मंडल में दो दिवसीय इंटर-रेलवे सेफ्टी ऑडिट, प्रयागराज-फतेहपुर रेलखंड की संरक्षा व्यवस्था परखी

प्रयागराज। रेल परिचालन में संरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता की समीक्षा के उद्देश्य से प्रयागराज मंडल में दो दिवसीय इंटर-रेलवे सेफ्टी ऑडिट शुरू किया गया है। पश्चिम मध्य रेलवे की सेफ्टी ऑडिट टीम ने बुधवार को प्रयागराज-फतेहपुर रेलखंड का व्यापक संरक्षा निरीक्षण किया।

पश्चिम मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी मनोज गुरुमुखी के मार्गदर्शन में ऑडिट टीम का नेतृत्व राजेश दत्त बाजपेयी, मुख्य परिवहन योजना प्रबंधक, पश्चिम मध्य रेलवे ने किया। टीम में प्रदीप कुमार, मुख्य अभियंता/गति, आशीष के. कुलहाड़ा, मुख्य यांत्रिक अभियंता/प्लानिंग, माही पाल सिंह, मुख्य मुख्य विद्युत अभियंता तथा सुरेंद्र यादव, मुख्य विद्युत अभियंता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल रहे।

भरवारी से फतेहपुर तक संरक्षा व्यवस्थाओं की गहन जांच

सेफ्टी ऑडिट के दौरान प्रयागराज-फतेहपुर रेलखंड के कई महत्वपूर्ण स्टेशनों और संरक्षा परिसंपत्तियों का बारीकी से निरीक्षण किया गया। टीम ने भरवारी स्टेशन एवं यार्ड, लेवल क्रॉसिंग गेट एलसी-13ए, पॉइंट एवं क्रॉसिंग, कर्व संख्या 12 यूपी, मेजर ब्रिज संख्या 109, एलएचएस संख्या 40 तथा फतेहपुर स्टेशन एवं यार्ड का निरीक्षण किया।

भरवारी स्टेशन पर स्टेशन और यार्ड की व्यवस्थाओं के साथ लेवल क्रॉसिंग, पॉइंट एवं क्रॉसिंग तथा कर्व की संरक्षा स्थिति का जायजा लिया गया। टीम ने मौके पर तैनात कर्मचारियों से उनके कार्य, जिम्मेदारियों और संरक्षा प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी लेकर उनकी कार्य दक्षता एवं जागरूकता का भी आकलन किया।

इसके बाद सिराथू-अथसराय के बीच डाउन लाइन पर स्थित मेजर ब्रिज संख्या 109 (गर्डर ब्रिज) का निरीक्षण किया गया। टीम ने पुल की संरक्षा से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं की जांच की। इसके साथ ही एलएचएस संख्या 40 और संबंधित रेलखंड का भी निरीक्षण किया गया।

फतेहपुर स्टेशन और यार्ड का भी निरीक्षण

ऑडिट टीम ने फतेहपुर स्टेशन एवं यार्ड की संरक्षा व्यवस्थाओं की भी गहन समीक्षा की। इस दौरान निर्धारित पॉइंट, एसईजे, रिले रूम और स्टेशन-यार्ड से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया। संबंधित अधिकारियों से तकनीकी जानकारी और संरक्षा अभिलेख भी प्राप्त किए गए।

टीम ने फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों से संरक्षा नियमों और कार्यप्रणाली से जुड़े सवाल पूछकर यह भी देखा कि निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी ढंग से पालन किया जा रहा है।

कमियों की पहचान और सुधार पर रहेगा जोर

इंटर-रेलवे सेफ्टी ऑडिट का मुख्य उद्देश्य रेलखंड पर लागू संरक्षा मानकों के अनुपालन की समीक्षा करना, फील्ड स्तर पर उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्थाओं का आकलन करना और संभावित सुधार के क्षेत्रों की पहचान करना है। ऐसे निरीक्षणों से कमियों को समय रहते चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने में मदद मिलती है।

निरीक्षण के दौरान प्रयागराज मंडल की ओर से अपर मंडल रेल प्रबंधक/परिचालन एम.एम. वारिस, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी यू.सी. शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

दूसरे दिन प्रयागराज स्टेशन की व्यवस्थाएं परखी जाएंगी

दो दिवसीय सेफ्टी ऑडिट के दूसरे दिन 13 अगस्त 2026 को प्रयागराज स्टेशन पर दुर्घटना राहत ट्रेन, दुर्घटना राहत चिकित्सा उपकरण, लॉबी और रनिंग रूम का निरीक्षण प्रस्तावित है। इसके बाद सेफ्टी ऑडिट टीम मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज के साथ बैठक करेगी।

प्रयागराज मंडल द्वारा रेल परिचालन में उच्चतम स्तर की संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण, समीक्षा और सुधारात्मक कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इंटर-रेलवे सेफ्टी ऑडिट से संरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा यात्रियों के लिए सुरक्षित रेल यात्रा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।