सामाख्याली–भचाऊ चौहरीकरण परियोजना अंतिम चरण में, 5 और 6 अगस्त को होगा सीआरएस का संरक्षा निरीक्षण

अहमदाबाद। पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल में सामाख्याली गांधीधाम फोर-लाइन (चौहरीकरण) परियोजना के तहत सामाख्याली भचाऊ रेलखंड पर नई तीसरी और चौथी रेल लाइन का कार्य पूरा होने के बाद 5 एवं 6 अगस्त 2026 को रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा संरक्षा निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण सफल रहने के बाद इस रेलखंड पर यात्री ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा।

रेल संरक्षा आयुक्त (पश्चिम सर्कल) ई. श्रीनिवास के नेतृत्व में होने वाले निरीक्षण में मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) प्रदीप गुप्ता तथा रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे। 5 अगस्त को डाउन लाइन और 6 अगस्त को अप लाइन का मोटर ट्रॉली से निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद दोनों नई रेल लाइनों पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से इलेक्ट्रिक इंजन के साथ स्पीड ट्रायल भी किया जाएगा।

रेलवे ने आम जनता से अपील की है कि निरीक्षण और स्पीड ट्रायल के दौरान रेलवे ट्रैक और उसके आसपास सुरक्षित दूरी बनाए रखें तथा किसी भी स्थिति में रेल लाइन पार न करें, क्योंकि इस दौरान उच्च गति से ट्रेन का संचालन किया जाएगा।

परियोजना की प्रमुख उपलब्धियां

सामाख्याली भचाऊ के बीच 32.90 ट्रैक किलोमीटर लंबी नई तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण।

4 बड़े और 25 छोटे पुलों का निर्माण।

करीब 6.25 लाख घनमीटर अर्थवर्क, 1.27 लाख घनमीटर ब्लैंकेटिंग और 0.96 लाख घनमीटर बैलास्ट बिछाने का कार्य पूरा।

सामाख्याली, वोंध और भचाऊ स्टेशनों का विस्तार तथा 9 समपार फाटकों का चौड़ीकरण।

रेल संरक्षा आयुक्त ट्रैक, सिग्नल एवं दूरसंचार प्रणाली, पुलों, ओएचई, इंटरलॉकिंग व्यवस्था और अन्य सभी सुरक्षा मानकों की गहन जांच करेंगे, ताकि नई लाइनों पर सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

कच्छ क्षेत्र को मिलेगा बड़ा लाभ

सामाख्याली भचाऊ रेलखंड कच्छ के औद्योगिक क्षेत्रों तथा कांडला और मुंद्रा बंदरगाहों को देश के प्रमुख रेल नेटवर्क से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। चौहरीकरण परियोजना पूरी होने से इस मार्ग की क्षमता बढ़ेगी, ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित और समयनिष्ठ होगा तथा कंटेनर, पेट्रोलियम उत्पाद, उर्वरक, खाद्यान्न, नमक और अन्य वस्तुओं के माल परिवहन को नई गति मिलेगी। इससे उद्योग, व्यापार, निर्यात, पर्यटन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा।