अलीगढ़ में अग्नि सुरक्षा को मिली नई मजबूती, जिला चिकित्सालय में फायर विभाग ने दिया व्यापक प्रशिक्षण

अलीगढ़। मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल कर्मियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मलखान सिंह जिला चिकित्सालय में शनिवार को अग्नि सुरक्षा एवं आपातकालीन निकासी (इवैक्वेशन) को लेकर व्यापक जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, एफएसओ बन्नादेवी तथा फायर सर्विस यूनिट की टीम ने अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों को आग से बचाव के आधुनिक उपायों की विस्तृत जानकारी दी।

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि आग क्या है, आग कितने प्रकार की होती है, आग लगने की संभावित परिस्थितियां क्या हैं तथा विभिन्न प्रकार की आग पर किस प्रकार प्रभावी ढंग से नियंत्रण पाया जा सकता है। साथ ही अस्पतालों में आग लगने के संभावित कारणों, बचाव के उपायों और अग्निशमन उपकरणों के सुरक्षित एवं सही संचालन का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार ने अस्पताल प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि सभी अग्निशमन व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप हमेशा कार्यशील रहें। उन्होंने अस्पताल स्तर पर आपातकालीन कार्ययोजना तैयार रखने, नियमित मॉक ड्रिल कराने, विद्युत वायरिंग एवं इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑडिट समय-समय पर कराने, निकास मार्गों को पूरी तरह अवरोध मुक्त रखने तथा क्षतिग्रस्त विद्युत वायरिंग को तत्काल बदलवाने पर विशेष जोर दिया।

सीएफओ ने यह भी कहा कि अस्पताल के प्रत्येक कर्मचारी को अग्निशमन उपकरणों के संचालन और आपातकालीन स्थिति में अपनी जिम्मेदारियों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। इससे किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर जनहानि और संपत्ति की क्षति को न्यूनतम किया जा सकता है।

अलीगढ़ फायर सर्विस की यह सराहनीय पहल अस्पतालों में सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जागरूकता, प्रशिक्षण और बेहतर तैयारियों के माध्यम से भविष्य में अग्नि दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम करने तथा मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में यह अभियान अत्यंत प्रभावी साबित होगा।