जम्मू मंडल के टिकट चेकिंग स्टाफ की ईमानदारी बनी मिसाल, चोरी हुआ बैग और लावारिस नकदी सुरक्षित लौटाकर जीता यात्रियों का विश्वास

जम्मू। उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल के टिकट चेकिंग स्टाफ ने अपनी ईमानदारी, सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट परिचय देते हुए दो अलग-अलग घटनाओं में यात्रियों का कीमती सामान सुरक्षित लौटाकर रेलवे की जनहितैषी और भरोसेमंद छवि को और मजबूत किया है।

पहली घटना 31 जुलाई की है। ट्रेन संख्या 22429 दिल्ली?पठानकोट सुपरफास्ट एक्सप्रेस में अमृतसर स्टेशन से ट्रेन रवाना होने के बाद रेल मदद के माध्यम से सूचना मिली कि कोच डी-1 में यात्रा कर रहे एक यात्री का बैग चोरी हो गया है। सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात टिकट चेकिंग स्टाफ ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। अन्य यात्रियों से जानकारी जुटाने के बाद जीआरपी के सहयोग से जनरल कोचों में तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें यात्री का बैग सुरक्षित बरामद कर लिया गया। सत्यापन के बाद बैग उसके वास्तविक मालिक को सौंप दिया गया। बैग में रखे सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज, वॉलेट और अन्य सामान पूरी तरह सुरक्षित मिले। यात्री ने रेलवे कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई और ईमानदारी की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।

दूसरी घटना 29 जुलाई 2026 की है। ट्रेन संख्या 12414 जम्मू तवी?अजमेर पूजा गलता धाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस के बी-3 कोच में ड्यूटी के दौरान टिकट चेकिंग स्टाफ को सीट संख्या 43 पर ₹4,000 की नकदी लावारिस अवस्था में मिली। स्टाफ ने पीएनआर के माध्यम से यात्री की पहचान की, जो दूसरी सीट पर सो रहा था। आवश्यक सत्यापन के बाद पूरी राशि उसके वास्तविक मालिक को लौटा दी गई। यात्री ने टिकट चेकिंग स्टाफ की ईमानदारी और संवेदनशीलता के लिए रेलवे का धन्यवाद किया।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और उनके सामान की रक्षा जम्मू मंडल की सर्वोच्च प्राथमिकता है। टिकट चेकिंग स्टाफ ने दोनों घटनाओं में त्वरित और जिम्मेदार कार्रवाई कर रेलवे के प्रति यात्रियों का विश्वास और मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि जम्मू मंडल भविष्य में भी सुरक्षित, विश्वसनीय और यात्री-केंद्रित सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेगा।

उत्तर रेलवे का जम्मू मंडल यात्रियों से भी अपील करता है कि यात्रा के दौरान अपने सामान का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी समस्या की सूचना तुरंत रेलवे स्टाफ या रेल मदद 139 पर दें, ताकि समय रहते आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।