नेशनल हाईवे पर रेडियम पट्टी लगाने के नाम पर अवैध वसूली करने वाली अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश, 8 गिरफ्तार तीसरी आंख मोबाइल नंबर पर मिली शिकायत के बाद डीएसटी की बड़ी कार्रवाई दिल्ली से संचालि

संवाददाता - संतोष व्यास

डूंगरपुर। उदयपुर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर रात के अंधेरे में वाहनों को रोककर रेडियम रिफ्लेक्टर लगाने के नाम पर जबरन अवैध वसूली करने वाली एक अंतरराज्यीय गैंग का जिला पुलिस की विशेष टीम (डीएसटी) ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के आठ सदस्यों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर उनके पास से 21,000 रुपये नकद, एक अर्टिगा कार, टॉर्च, मोबाइल और फर्जी रसीद कट्टे जब्त किए हैं। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई की पटकथा एसपी द्वारा जारी तीसरी आंख हेल्पलाइन नंबर पर मिली एक गुप्त शिकायत के बाद लिखी गई थी।

- जाल बिछाकर पुलिस ने की कार्यवाही

पुलिस से प्राप्त जानकारी अनुसार, 30 जुलाई की रात तीसरी आंख नंबर पर सूचना मिली थी कि रतनपुर पुलिस चौकी के पास कुछ लोग टॉर्च लेकर आते हैं और हाईवे पर आने-जाने वाले वाहनों को डरा-धमकाकर रेडियम पट्टी लगाने के नाम पर अवैध वसूली करते हैं। सूचना की पुष्टि के बाद डीएसटी प्रभारी व बिछीवाड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने प्राइवेट वाहन में बैठकर जाल बिछाया। जैसे ही पुलिस की गाड़ी रतनपुर ओवरब्रिज के पास पहुंची, आरोपितों ने टॉर्च से इशारा कर गाड़ी को साइड में रुकवा लिया। गाड़ी पर पहले से रेडियम पट्टी लगी होने की बात कहने पर भी आरोपित जबरन 300 रुपये की मांग करने लगे और रुपये न देने पर गाड़ी जब्त करने की धमकी दी। उन्होंने पीबी रोड सेफ्टी रिफ्लेक्टिव एंटरप्राइजेज नाम की 300 रुपये की फर्जी रसीद काटकर थमा दी। इशारा मिलते ही आसपास मुस्तैद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मौके से सभी आठों आरोपितों को दबोच लिया।

- दिल्ली से संचालित होता था पूरा रैकेट

पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपित दिल्ली निवासी बॉबी कुमार के इशारे पर गैंग बनाकर काम कर रहे थे। इनके पास रेडियम पट्टी लगाने की न तो कोई आधिकारिक स्वीकृति थी और न ही पंजीकरण से संबंधित कोई वैध दस्तावेज। कार्रवाई के दौरान पकड़े गए आरोपितों में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और स्थानीय क्षेत्र के शातिर शामिल हैं।

मामले में पुलिस ने विजय सिंह (46) निवासी हाजीपुर लोणी बॉर्डर गाजियाबाद उत्तर प्रदेश, विनोद कुमार (43) निवासी उज्ज भदोही उत्तर प्रदेश, प्रदीप कुमार (50) निवासी लोणी बॉर्डर गाजियाबाद उत्तर प्रदेश, अमित (46) निवासी मनसूरपुर मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश, वीरेंद्र कुमार (51) निवासी ज्वाला नगर शाहदरा दिल्ली, राजवीर सिंह (65) निवासी दातोली रगल सहारनपुर उत्तर प्रदेश, संजय (40) निवासी मथुरा गेट भरतपुर राजस्थान तथा जयेश (34) निवासी रतनपुर बिछीवाड़ा डूंगरपुर को गिरफ्तार किया है।

- जैकेट पहनकर देते थे अधिकारी होने का झांसा

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य रात के समय हाईवे पर उतरते थे और भ्रम फैलाने के लिए खुद नाइट लाइट रिफ्लेक्टर जैकेट पहनते थे, ताकि वाहन चालकों को लगे कि वे किसी सरकारी विभाग के कर्मचारी हैं। गाड़ी रुकवाने के बाद ये प्रति वाहन 100, 200 व 300 रुपये की मांग करते थे और बदले में 2 महीने की वैधता वाली फर्जी रसीद थमा देते थे। जो चालक इसका विरोध करते थे, उन्हें गाड़ी जब्त करने की धमकी देकर डराया-धमकाया जाता था। पुलिस ने सभी अभियुक्तों के खिलाफ धारा 308(2) बीएनएस 2023 के तहत मामला दर्ज कर जांच बिछीवाड़ा थाना पुलिस को सौंप दी है। पुलिस अब गिरोह के मुख्य सरगना बॉबी कुमार की तलाश में जुट गई है।