घनी धुंध और बारिश के बीच भी नहीं थमी आस्था, हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित रहने के बावजूद सुचारू रही मां वैष्णो देवी यात्रा

कटड़ा। श्री माता वैष्णो देवी के त्रिकूट पर्वत पर रविवार को मौसम का मिजाज पूरे दिन बदलता रहा। घने कोहरे, बादलों की घनी चादर, ठंडी हवाओं और रुक-रुककर हुई हल्की बारिश के बीच भी मां वैष्णो देवी की यात्रा पूरी तरह सुचारू रूप से जारी रही। खराब मौसम के कारण कटड़ा से संचालित हेलीकॉप्टर सेवा दिनभर प्रभावित रही और उड़ानें संचालित नहीं हो सकीं, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। हजारों श्रद्धालु पैदल तथा उपलब्ध अन्य सुविधाओं के माध्यम से लगातार भवन की ओर बढ़ते रहे।

सुबह से ही त्रिकूट पर्वत घने बादलों और धुंध की चपेट में रहा। कई स्थानों पर दृश्यता काफी कम हो गई, जिसके चलते हेलीकॉप्टर सेवा बार-बार बाधित हुई। दोपहर के समय हल्की बारिश होने से मौसम और अधिक ठंडा व सुहावना हो गया। बारिश के बावजूद श्रद्धालु "जय माता दी" के जयघोष के साथ पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भवन की ओर बढ़ते रहे।

यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं। बैटरी कार सेवा, भैरव घाटी रोपवे सेवा, घोड़ा, पिट्ठू और पालकी सेवाएं बिना किसी बाधा के उपलब्ध रहीं। श्रद्धालुओं ने इन सुविधाओं का लाभ उठाकर अपनी यात्रा जारी रखी।

यात्रा की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड पूरी तरह सतर्क रहा। श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ तथा आपदा प्रबंधन दल के अधिकारी और जवान यात्रा मार्ग के विभिन्न संवेदनशील स्थलों पर तैनात रहे। कटड़ा और भवन स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से यात्रा की प्रत्येक गतिविधि पर लगातार नजर रखी गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

श्राइन बोर्ड के सफाई कर्मचारी और सहायता मित्र भी पूरे यात्रा मार्ग पर सक्रिय रहे। श्रद्धालुओं को समय-समय पर मौसम से संबंधित आवश्यक जानकारी और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश दिए जाते रहे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे मौसम को देखते हुए सावधानी बरतें, निर्धारित यात्रा मार्ग का ही उपयोग करें तथा किसी भी आवश्यकता होने पर निकटतम सहायता केंद्र से संपर्क करें।

खराब मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं का कटड़ा पहुंचना लगातार जारी रहा। श्रद्धालु आरएफआईडी यात्रा पर्ची प्राप्त कर परिवार और मित्रों के साथ भवन की ओर रवाना होते रहे। श्राइन बोर्ड और स्थानीय प्रशासन के बेहतर समन्वय तथा प्रभावी प्रबंधन के कारण यात्रा पूरी तरह व्यवस्थित और सुरक्षित बनी रही।

रविवार दोपहर तीन बजे तक करीब 18 हजार श्रद्धालु पंजीकरण कराकर मां वैष्णो देवी के पवित्र भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। देर शाम तक भी श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा। प्रतिकूल मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और प्रशासन की सुदृढ़ व्यवस्थाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियां भी मां वैष्णो देवी के भक्तों के उत्साह और विश्वास को डिगा नहीं सकतीं।