मुंबई में 280 मिमी से ज्यादा बारिश के बावजूद दौड़ती रहीं मध्य रेल की लोकल ट्रेनें, लाखों यात्रियों को मिली राहत

मुंबई में 280 मिमी से ज्यादा बारिश के बावजूद दौड़ती रहीं मध्य रेल की लोकल ट्रेनें, लाखों यात्रियों को मिली राहत

मुंबई और उसके उपनगरों में पिछले 48 घंटों के दौरान 280 मिमी से अधिक भारी बारिश होने के बावजूद मध्य रेल की उपनगरीय रेल सेवाएं पूरी तरह सुचारू रूप से चलती रहीं। मुख्य, हार्बर और ट्रांस-हार्बर कॉरिडोर पर लोकल ट्रेनों का संचालन बिना किसी बड़े व्यवधान के जारी रहा, जिससे लाखों दैनिक यात्रियों को सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिली।

जानकारी के अनुसार मुख्य रेल लाइन पर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस क्षेत्र में करीब 150 मिमी, दादर-घाटकोपर सेक्शन में 120 से 150 मिमी और मुलुंड क्षेत्र में 160 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। वहीं उपनगरीय इलाकों में ठाणे में 284 मिमी और कलवा में 270 मिमी बारिश हुई। हार्बर लाइन पर वाशी से पनवेल खंड में 200 मिमी से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि कल्याण-कर्जत, खोपोली और कसारा रूट पर भी भारी वर्षा हुई।

भारी बारिश के बावजूद रेल सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के पीछे मध्य रेल की पहले से की गई मानसून तैयारियां अहम रहीं। रेलवे प्रशासन ने 12.5 एचपी से 100 एचपी क्षमता तक के कुल 210 भारी जल निकासी पंप 117 जलभराव संभावित स्थानों पर तैनात किए थे, ताकि तेज बारिश के दौरान पटरियों पर जलभराव की स्थिति को रोका जा सके।

रेलवे ने सायन-कुर्ला, चुनाभट्टी-कुर्ला, विक्रोली-कंजूरमार्ग और कुर्ला-तिलक नगर सहित 18 संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां विशेष इंजीनियरिंग उपाय किए। इसके अलावा ठाणे रेलवे स्टेशन पर माइक्रो टनलिंग परियोजना के जरिए लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या का समाधान किया गया।

मानसून तैयारियों के तहत रेलवे ने पुलियों की सफाई, नालों से गाद निकालने, संवेदनशील क्षेत्रों में पटरियों का रखरखाव, सुरंगों का निरीक्षण, प्लेटफॉर्म और रेलवे भवनों को रिसाव मुक्त बनाने तथा विशेष मानसून गश्ती दलों की तैनाती जैसे व्यापक कार्य पहले ही पूरे कर लिए थे। सोशल मीडिया के जरिए यात्रियों को लगातार अपडेट भी उपलब्ध कराए गए, जिससे यात्रा योजना बनाने में सुविधा मिली।

मध्य रेल ने अपने ट्रैक मेंटेनेंस कर्मचारियों, गैंगमैन, मोटरमैन, ट्रेन मैनेजर, इंजीनियरों और सभी विभागों के कर्मचारियों की सराहना की, जिन्होंने भारी बारिश के बीच दिन-रात काम कर मुंबई की जीवनरेखा मानी जाने वाली लोकल ट्रेन सेवाओं को निर्बाध बनाए रखा। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्नील निला ने बताया कि मानसून के दौरान यात्रियों को सुरक्षित और सुगम सेवाएं देना रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है।