मध्य रेल ने माल ढुलाई बढ़ाने के लिए 11 गुड्स शेड्स को किया उच्च श्रेणी में अपग्रेड

मुंबई। माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने और परिचालन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में मध्य रेलवे ने बड़ा कदम उठाते हुए वर्ष 2026-27 के लिए 11 गुड्स शेड्स को उच्च श्रेणी में अपग्रेड किया है। यह निर्णय रेलवे के माल परिवहन नेटवर्क को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार इस वर्ष कुल 95 गुड्स शेड्स का वार्षिक वर्गीकरण किया गया है, जिनमें 42 गुड्स शेड समूह-1, 12 समूह-2 और 41 समूह-3 में शामिल किए गए हैं। अब 11 गुड्स शेड्स को बेहतर प्रदर्शन के आधार पर उच्च श्रेणी में उन्नत किया गया है।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक गुड्स शेड्स का वर्गीकरण वैगनों के अनावश्यक ठहराव (डिटेंशन) को कम करने, मालगाड़ियों की तेज आवाजाही सुनिश्चित करने और रेलवे परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखकर किया जाता है।

नई व्यवस्था के तहत निशुल्क समय (फ्री टाइम) समाप्त होने के बाद वैगनों पर प्रति घंटे के हिसाब से शुल्क लगाया जाएगा। इसमें समूह-1 के लिए 150 रुपये, समूह-2 के लिए 120 रुपये और समूह-3 के लिए 75 रुपये प्रति वैगन प्रति घंटा शुल्क निर्धारित किया गया है। यह संशोधित व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से लागू हो गई है।

अपग्रेड किए गए 11 गुड्स शेड्स में नागपुर मंडल के छह, पुणे मंडल के दो, सोलापुर मंडल के दो और भुसावल मंडल का एक गुड्स शेड शामिल है। नागपुर मंडल में राजूर, न्यू बलारशाह, चंद्रपुर, मुलताई, मरामझिरी और देवरी को उच्च श्रेणी में शामिल किया गया है।

रेलवे का कहना है कि यह पहल माल ढुलाई गतिविधियों को तेज करने, टर्नअराउंड समय कम करने और ग्राहकों को बेहतर सेवा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे मध्य रेलवे में माल परिवहन दक्षता में और वृद्धि होने की उम्मीद है।