पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने शुरू की आईओटी आधारित टनल लाइटिंग ऑटोमेशन प्रणाली, ऊर्जा बचत को मिलेगा बढ़ावा

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और स्मार्ट तकनीकों को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए लामडिंग-बदरपुर पहाड़ी सेक्शन के न्यू हाफलंग स्थित टनल संख्या-9 में अत्याधुनिक आईओटी (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) आधारित टनल लाइटिंग ऑटोमेशन एवं ऊर्जा निगरानी प्रणाली की शुरुआत की है। यह नई तकनीक रेल अवसंरचना के आधुनिकीकरण और ऊर्जा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

इस परियोजना के तहत रेलवे ने टनल लाइटिंग फीडरों के लिए स्मार्ट मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित किया है, जिसे आईआर कंट्रोलर प्लेटफॉर्म के साथ सफलतापूर्वक जोड़ा गया है। इस उन्नत प्रणाली के माध्यम से अब टनल की प्रकाश व्यवस्था की केंद्रीकृत निगरानी, दूरस्थ संचालन और रियल टाइम एनर्जी मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी। इससे बिजली की खपत पर लगातार नजर रखी जा सकेगी और जरूरत के अनुसार लाइटिंग सिस्टम को नियंत्रित किया जा सकेगा।

नई स्वचालित प्रणाली के जरिए टनल में लगे प्रकाश उपकरणों का संचालन अब अधिक स्मार्ट और ऊर्जा कुशल हो गया है। इससे बिजली की अनावश्यक खपत को कम करने, ऊर्जा के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करने और परिचालन क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह तकनीक ऊर्जा संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगी।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे द्वारा लागू किया गया यह आईओटी आधारित टनल लाइटिंग ऑटोमेशन सिस्टम भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे को आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल रेलवे नेटवर्क में ऊर्जा प्रबंधन को मजबूत करने के साथ-साथ स्थायी विकास और हरित भविष्य की दिशा में भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे लगातार अपने नेटवर्क को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दे रहा है। इस तरह की अभिनव पहलों के माध्यम से रेलवे न केवल परिचालन उत्कृष्टता हासिल कर रहा है, बल्कि भविष्य की आधुनिक रेल व्यवस्था की मजबूत नींव भी तैयार कर रहा है।

कपिंजल किशोर शर्मा मुख्य जनसंपर्क अधिकारी