अगरतला कोचिंग डिपो में सोलर पावर प्लांट शुरू, हरित ऊर्जा की दिशा में पूर्वोत्तर रेलवे का बड़ा कदम

अगरतला कोचिंग डिपो में सोलर पावर प्लांट शुरू, हरित ऊर्जा की दिशा में पूर्वोत्तर रेलवे का बड़ा कदम

एनएफआर ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अगरतला कोचिंग डिपो में 345 केडब्ल्यूपी क्षमता का ऑन-ग्रिड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट सफलतापूर्वक स्थापित कर चालू कर दिया है।

इस परियोजना के जरिए रेलवे अब अक्षय ऊर्जा का बेहतर उपयोग कर रहा है। खास बात यह है कि यह सौर ऊर्जा प्रणाली वर्तमान में भवनों की जरूरत से अधिक बिजली का उत्पादन कर रही है, जिससे यह सुविधा अब नेट पॉजिटिव एनर्जी प्रोड्यूसर बन गई है। दिन के समय अतिरिक्त बिजली ग्रिड में वापस भेजी जा रही है, जिससे पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम होगी।

इस पहल से न केवल बिजली खर्च में बड़ी बचत होगी, बल्कि पीक डिमांड के समय दबाव भी कम होगा। साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी आने से पर्यावरण संरक्षण और कार्बन फुटप्रिंट घटाने में भी मदद मिलेगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, 345 केडब्ल्यूपी का यह सोलर पावर प्लांट स्वच्छ ऊर्जा समाधान अपनाने और पर्यावरण अनुकूल बुनियादी ढांचा विकसित करने की दिशा में एनएफआर के लगातार प्रयासों का हिस्सा है।

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे भविष्य में भी ऐसी योजनाओं के माध्यम से ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देने और देश को हरित भविष्य की ओर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

यह पहल भारतीय रेल के आधुनिक, पर्यावरण हितैषी और आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत तस्वीर पेश करती है।