एनएफआर के महाप्रबंधक ने रंगापाड़ा नॉर्थ, डेकारगांव और तेजपुर का किया निरीक्षण, विकास कार्यों की प्रगति परखी

एनएफआर के महाप्रबंधक ने रंगापाड़ा नॉर्थ, डेकारगांव और तेजपुर का किया निरीक्षण, विकास कार्यों की प्रगति परखी

मालीगांव। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेल अवसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। इसी क्रम में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने रंगापाड़ा नॉर्थ, डेकारगांव और तेजपुर क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण कर चल रही विकास परियोजनाओं और भविष्य की रेल विस्तार योजनाओं की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने रंगापाड़ा नॉर्थ रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे पुनर्विकास कार्यों का जायजा लिया। रेलवे प्रशासन के अनुसार इस स्टेशन को लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक यात्री सुविधाओं और बेहतर आधारभूत संरचना के साथ विकसित किया जा रहा है। वर्तमान में निर्माण कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है और शेष कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

इसके बाद महाप्रबंधक ने डेकारगांव स्टेशन और रेलवे यार्ड का निरीक्षण किया तथा आगियाठरी-डेकारगांव और तेजपुर-सिलघाट के बीच प्रस्तावित नई रेल लाइन परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा की। इन दोनों नई रेल परियोजनाओं का सर्वे कार्य पूरा हो चुका है और फिलहाल केंद्रीय मंत्रालय स्तर पर समीक्षा जारी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्रीय संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी और सामाजिक व आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

दौरे के दौरान श्रीवास्तव ने वर्तमान में बंद पड़े पुराने तेजपुर रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण किया और वहां मौजूद भवनों व अन्य आधारभूत संरचनाओं की स्थिति का आकलन किया। इसके साथ ही उन्होंने कामाख्या से डेकारगांव तक विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण कर रेल मार्ग पर ट्रैक, पुलों, स्टेशनों और अन्य रेल परिसंपत्तियों के रखरखाव की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान रेल सुरक्षा, परिचालन दक्षता और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुधार वाले क्षेत्रों की भी पहचान की गई। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह निरीक्षण पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेल संपर्क विस्तार, यात्री सुविधाओं में सुधार और आधुनिक रेल अवसंरचना विकसित करने की दिशा में रेलवे की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे का यह कदम आने वाले समय में पूर्वोत्तर भारत की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने और विकास को नई रफ्तार देने में अहम साबित होगा।