ई-पंजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं का अनोखा प्रदर्शन, तहसील में हुआ बुद्धि-शुद्धि यज्ञ

सुमित गर्ग खेरागढ़ संवाददाता,

खेरागढ़। तहसील परिसर खेरागढ़ में मंगलवार को अधिवक्ताओं ने शासन के ई-पंजीकरण संबंधी आदेश के विरोध में बुद्धि-शुद्धि यज्ञ एवं सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया। कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक एवं कर्मचारी शामिल हुए।

बार एसोसिएशन अध्यक्ष हरिओम सिकरवार ने बताया कि 4 जून 2026 को जारी शासनादेश में बैनामा एवं अन्य पंजीकरण कार्यों को ई-पंजीकरण के माध्यम से निजी क्षेत्र को सौंपने की व्यवस्था की गई है। इसके विरोध में तहसील परिसर में पिछले 11 दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन चल रहा है। आंदोलन के चलते रजिस्ट्री कार्यालय तथा न्यायालयों का कार्य भी प्रभावित है।

उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टाफ सदस्यों के रोजगार पर सीधा संकट उत्पन्न होगा। इसी के विरोध में अधिवक्ताओं ने शासन-प्रशासन की "बुद्धि-शुद्धि" के लिए यज्ञ किया तथा सुंदरकांड का पाठ कर सरकार से जनहित में निर्णय वापस लेने की प्रार्थना की।

अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शासनादेश वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल उनके रोजगार की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि न्यायिक एवं पंजीकरण व्यवस्था से जुड़े हजारों लोगों के हितों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है।