रेल के पहियों को गति देने वाले लोको पायलटों ने दिखाई इंसानियत, रक्तदान कर बचाई जिंदगी की डोर

रेल के पहियों को गति देने वाले लोको पायलटों ने दिखाई इंसानियत, रक्तदान कर बचाई जिंदगी की डोर

प्रयागराज। भारतीय रेल की रीढ़ माने जाने वाले लोको पायलटों ने शनिवार को अपनी ड्यूटी से आगे बढ़कर समाज सेवा की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने यह साबित कर दिया कि वे केवल ट्रेनों को ही नहीं, बल्कि मानवता को भी आगे बढ़ाने का काम करते हैं।

प्रयागराज लॉबी के तत्वावधान में आयोजित विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में लोको पायलटों और रनिंग स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रयागराज और छिवकी से जुड़े रेलकर्मियों ने कठिन ड्यूटी और व्यस्त शेड्यूल के बावजूद समय निकालकर रक्तदान किया और जरूरतमंदों को जीवनदान देने का संदेश दिया।

इस अवसर पर शिविर के मुख्य संचालनकर्ता वासुदेव पाण्डेय, मुख्य क्रू नियंत्रक सामान्य ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पिछले सात वर्षों से रनिंग स्टाफ नियमित रूप से इस सामाजिक अभियान से जुड़कर सेवा कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोको पायलट केवल रेल की पटरियों पर देश की रफ्तार बनाए रखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।

शिविर में इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन की चिकित्साधिकारी डॉ. अर्चना मिश्रा, कोऑर्डिनेटर नागेन्द्र प्रधान तथा महिला प्रभारी ममता द्विवेदी ने रेलवे कर्मचारियों द्वारा नियमित रूप से किए जा रहे स्वैच्छिक रक्तदान को जनहित में बेहद सराहनीय और प्रेरणादायक पहल बताया।

कार्यक्रम में वी.के. गर्ग (मुख्य क्रू नियंत्रक), एस.एन. द्विवेदी (मुख्य क्रू नियंत्रक परिचालन छिवकी), यू.बी. सिंह (मुख्य लोको निरीक्षक छिवकी) समेत बड़ी संख्या में लोको पायलटों ने भाग लेकर रक्तदान किया।

इस दौरान जे.पी. पाण्डेय, राज कुमार गुप्ता, एस.एस. गुप्ता, अखण्ड प्रताप सिंह, वरुण कुमार, एस.पी. तिवारी, दिनेश चौधरी, राधेमोहन मौर्य, राजीव कुमार यादव, शशांक पाण्डेय, रजत शर्मा, राम प्रकाश, आयुष्मान ऋषि, सौरभ मिश्रा सहित कई रेलकर्मी मौजूद रहे।

रेलवे कर्मचारियों की इस पहल ने यह संदेश दिया कि देश को गति देने वाले ये कर्मयोगी जरूरत पड़ने पर अपने रक्त से भी समाज को नई जिंदगी देने का जज्बा रखते हैं।