पयागपुर नगर पंचायत का तीन वर्ष का रिपोर्ट कार्ड पेश कर नगर पंचायत अध्यक्ष व पूर्व विधायक ने गिनाईं उपलब्धियां। विधायकसुभाष त्रिपाठी पर लगाए विकास कार्य बाधित करने के आरोप। 

पयागपुर नगर पंचायत पयागपुर के गठन के बाद तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर रविवार शाम को नगर पंचायत अध्यक्ष बालेंद्र श्रीवास्तव और पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर नगर पंचायत का विकास रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने बीते तीन वर्षों में कराए गए कार्यों, प्रस्तावित योजनाओं और भविष्य की विकास योजनाओं की जानकारी देते हुए दावा किया कि नगर पंचायत क्षेत्र में लगभग 31 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत एवं प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं जबकि अनेक परियोजनाएं विभिन्न चरणों में संचालित हैं। उन्होंने कहा कि आगामी दो वर्षों में पयागपुर नगर पंचायत को आधुनिक सुविधाओं से युक्त आदर्श नगर के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव ने कहा कि नगर पंचायत पयागपुर के विकास की जो परिकल्पना जनता के सामने रखी गई थी, उसे साकार करने के लिए लगातार प्रयास किए गए, लेकिन राजनीतिक कारणों से अनेक योजनाएं प्रभावित हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय विधायक सुभाष त्रिपाठी द्वारा कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं में अनावश्यक हस्तक्षेप किया गया, जिसके कारण कार्यों की गति प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र में सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी कई योजनाएं समय से पूरी नहीं हो सकीं क्योंकि विभिन्न स्तरों पर अवरोध उत्पन्न किए गए।पूर्व विधायक ने कहा कि नगर पंचायत चुनाव से पहले लगभग 50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का दावा जनता के सामने प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि उन कार्यों और खर्च किए गए धन का विस्तृत लेखा-जोखा जनता के सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह अपने कार्यकाल और नगर पंचायत द्वारा कराए गए प्रत्येक विकास कार्य का पाई-पाई का हिसाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण नगर पंचायत के विकास को प्रभावित किया गया, जिसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ा।नगर पंचायत अध्यक्ष बालेंद्र श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि उनके तीन वर्षीय कार्यकाल का लगभग डेढ़ वर्ष प्रशासनिक एवं कानूनी परिस्थितियों के कारण प्रभावित रहा। इस दौरान उन्हें पद से अलग रखा गया और वित्तीय अधिकार भी सीमित कर दिए गए, जिससे विकास कार्यों की रफ्तार पर असर पड़ा। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद नगर पंचायत प्रशासन ने उपलब्ध समय में करीब 31 करोड़ रुपये की योजनाएं तैयार कराईं और कई विकास कार्यों को धरातल पर उतारा। उन्होंने कहा कि यदि बाधाएं न उत्पन्न की जातीं तो नगर पंचायत में और अधिक व्यापक स्तर पर विकास कार्य दिखाई देते।बालेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र में सड़क निर्माण, नाली निर्माण, इंटरलॉकिंग, पेयजल व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक स्थलों के सुंदरीकरण तथा नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए कई योजनाएं संचालित की गई हैं। आने वाले समय में नगर पंचायत क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को और मजबूत करने के साथ-साथ सौंदर्यीकरण एवं जनसुविधाओं से जुड़े नए प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे।प्रेस वार्ता के दौरान वक्ताओं ने नगर पंचायत के गठन के समय से चले आ रहे राजनीतिक विवादों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत के पहले शपथ ग्रहण समारोह में ही राजनीतिक मतभेद खुलकर सामने आ गए थे। उस समय नगर पंचायत अध्यक्ष और उनके समर्थक सभासदों ने नगर पंचायत कार्यालय परिसर में शपथ ग्रहण की थी, जबकि भाजपा समर्थित सभासदों ने तहसील मुख्यालय परिसर में अलग कार्यक्रम आयोजित कर शपथ ली थी। तभी से नगर पंचायत की राजनीति दो ध्रुवों में विभाजित दिखाई देने लगी थी।नगर पंचायत की स्थापना के बाद से ही विकास के मुद्दों पर लगातार राजनीतिक खींचतान बनी रही, जिसका असर कई योजनाओं के क्रियान्वयन पर पड़ा। उन्होंने दावा किया कि इसके बावजूद नगर पंचायत प्रशासन जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहा है।पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव ने कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र की जनता विकास चाहती है, राजनीति नहीं। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत को मिलने वाली योजनाओं और संसाधनों का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है और भविष्य में भी विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर नगर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास के लिए क्षेत्रीय विधायक को अपना बड़प्पन दिखाते हुए विकास करो में सहयोग करना चाहिए और विकास कार्य में यदि कोई गड़बड़ी हो तो उसकी जांच कराए कार्य होने के पहले ही अड़ंगे बाजी करने के कारण विकास कार्य बाधित होते हैं जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है।प्रेस वार्ता के अंत में नगर पंचायत अध्यक्ष बालेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि आगामी दो वर्षों में अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के साथ-साथ नई विकास योजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी, जिससे नगर पंचायत पयागपुर क्षेत्र के लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।इस अवसर पर सभासद बजरंग शर्मा अधिवक्ता दिनेश शुक्ला, राम सुरेश यादव सहित नगर पंचायत के अन्य जनप्रतिनिधि एवं समर्थक उपस्थित रहे।