वन विभाग के ऑडियो वीडियो हॉल के सभागार में पीसीएमए के द्वारा मेडिकल ट्रेनिंग प्रोग्राम एवं मीटिंग का आयोजन।

वाल्मीकि नगर से अभिमन्यु कुमार गुप्ता की रिपोर्ट।वाल्मीकि टाइगर रिजर्व वन प्रमंडल 2 के वाल्मीकि नगर स्थित वन विभाग के ऑडियो- वीडियो हॉल के सभागार में प्राइवेट चिकित्सक मेडिकल एसोसिएशन के द्वारा रविवार को एक दिवसीय मेडिकल ट्रेनिंग एवं मीटिंग का आयोजन किया गया।इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण चिकित्सकों को आर एम पी अयोग बनाने में सहयोग करना है।इस कार्यक्रम में बिहार प्रदेश के सभी जिले से 500 से ज्यादा की संख्या में ग्रामीण चिकित्सकों ने भाग लिया।इस बाबत जानकारी देते हुए पीसीएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिल्ली से आये डॉ एस के शर्मा ने बताया कि हमारी संगठन के माध्यम से राज्य सरकार और केंद्र सरकार से हम मांग करेंगे कि हम ग्रामीण चिकित्सकों का आर एम पी अयोग बना कर हमें सुरक्षित करें।और सरकार से हम मांग करते हैं कि देश में लगभग 60 लाख स्वास्थ्य विभाग से अनरजिस्टर्ड चिकित्सकों को चिकित्सा मित्र बनाएं। प्रत्येक प्रदेश में अनुभव के आधार पर चिकित्सा मित्रों के हर पद्धति में आरएमपी से पंजीकृत करें। आयुर्वेद रत्न ,वैध विशारद, यूनानी पद्धति में डिप्लोमा धारक व पटना बिहार व अन्य पद्धति से प्रदेश में जैसे डी यू एम, डी ए एम, सी एम एस, ई डी,सी सी एच, ए एन एम,जी एन एम,और इलेक्ट्रो होम्योपैथी तथा समस्त आयुष चिकित्सक एवं पैरामेडिकल व मेडिकल में विभिन्न प्रकार की पैथी से डिग्री डिप्लोमा में पंजीकृत एवं अन्य प्रदेशों से स्वास्थ्य विभाग से अनरजिस्टर्ड चिकित्सकों के स्वास्थ्य विभाग में प्राथमिक उपचार करने हेतु रजिस्ट्रेशन किया जाए। प्रत्येक प्रदेश सरकार सुनिश्चित करें अस्पताल नर्सिंग होम, एमबीबीएस डॉक्टर के क्लीनिक पर कंपाउंडर एवं नर्स का कार्य करने वाले लड़के और लड़कियां नर्सिंग में डिग्री या डिप्लोमा धारक ही हो,स्वास्थ्य विभाग ऐसे प्रावधान लागू करें। प्रत्येक प्रदेश सरकार स्वास्थ्य विभाग झोलाछाप चिकित्सकों की संज्ञा को तुरंत हटाने व हर राज्य में स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही छापेमारी कार्यवाही एवं कानूनी कार्रवाई को तत्काल रूप से बंद करें। चिकित्सा मित्र घोषित करने का कार्य करें तथा उसके लिए प्रमाण पत्र जारी करें। जब तक चिकित्सा मित्र घोषित नहीं किए जाते हैं तब तक पुलिस या स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के द्वारा उत्पीड़न बंद किया जाए। आगे उन्होंने बताया कि पूरे देश में लगभग 60 लाख अनरजिस्टर्ड चिकित्सक शिक्षित बेरोजगार नहीं कहलाना चाहते हैं, नहीं बेरोजगारी भत्ता चाहते हैं। हम लोगों की मांग है कि केवल चिकित्सा मित्र कहलाए तथा हर पद्धति में स्वतंत्र प्राथमिक चिकित्सा करने का अधिकार प्राप्त हो।इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण चिकित्सक मौजूद रहे।