सेवाग्राम स्टेशन हुआ हाईटेक, अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से बढ़ी सुरक्षा और क्षमता

सेवाग्राम स्टेशन पर रेलवे आधुनिकीकरण की बड़ी उपलब्धि, अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली शुरू

नागपुर। मध्य रेल के नागपुर मंडल ने रेल अवसंरचना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए सेवाग्राम स्टेशन पर अत्याधुनिक क्योसान आधारित डिस्ट्रिब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) प्रणाली का सफलतापूर्वक कमीशनिंग कर दिया है। यह कार्य तीसरी एवं चौथी लाइन परियोजना तथा आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था के विकास के तहत पूरा किया गया।

इस परियोजना के अंतर्गत 26 वर्ष पुरानी सीमेंस पैनल इंटरलॉकिंग प्रणाली को हटाकर नई पीढ़ी की इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली स्थापित की गई है। नई तकनीक के लागू होने से स्टेशन पर सिग्नल एवं दूरसंचार उपकरणों की विश्वसनीयता, सुरक्षा और परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

यार्ड री-मॉडलिंग के दौरान सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए दो ग्राउंड फ्रेम पॉइंट्स को समाप्त किया गया है, जिससे परिचालन संबंधी जोखिम कम होंगे और ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित बन सकेगा। साथ ही यातायात क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से अतिरिक्त यूडीएल-1 और यूडीएल-3 लाइनों का भी प्रावधान किया गया है।

परियोजना के तहत विभिन्न रेल लाइनों की उपयोगी लंबाई (सीएसआर) में भी महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है। इससे लंबी मालगाड़ियों के संचालन में सुविधा मिलेगी और भविष्य में बढ़ते रेल यातायात को संभालने की क्षमता बढ़ेगी। विशेष रूप से डाउन मेन लाइन की क्षमता में 342 मीटर से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो परिचालन दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार नई इंटरलॉकिंग प्रणाली और यार्ड आधुनिकीकरण से ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित, तेज और कुशल होगा। साथ ही लाइन क्षमता में वृद्धि होने से यात्री एवं मालगाड़ियों दोनों के संचालन में बेहतर लचीलापन मिलेगा।

मध्य रेल ने इसे क्षमता संवर्धन और रेलवे आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा है कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपनाया जा रहा है, जिससे यात्रियों और माल परिवहन दोनों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।