गन्ना भुगतान न होने और बंद चीनी मिलों को लेकर आक्रोषित किसानों का जोरदार प्रदर्शन,गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार के आवास का किया गया घेराव,आक्रोशित किसानों ने जमकर की नारेबाजी, समझाने ग

लोकेशन:-पीलीभीत
रिपोर्टर:- राजेश गुप्ता
मो 9719672920

गन्ना भुगतान न होने और बंद चीनी मिलों को लेकर आक्रोषित किसानों का जोरदार प्रदर्शन,गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार के आवास का किया गया घेराव।

आक्रोशित किसानों ने जमकर की नारेबाजी।

यूपी के पीलीभीत जनपद में गन्ने के लंबे समय से बकाया भुगतान न होने और बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर क्षेत्र के किसानों का धैर्य आखिरकार जवाब दे ही गया। जिले भर से आए हजारों किसानों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में एक बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार के नेतृत्व में आक्रोशित किसानों के विशाल हुजूम ने गन्ना विकास एवं चीनी मिल राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार के पीलीभीत स्थित आवास का घेराव कर दिया।बही किसानों के प्रदर्शन के दौरान दो थानों की फोर्स के साथ भारी पुलिस बल को भी तैनात किया गया है।

आपको बता दे कि इस दौरान प्रदर्शनकारी किसानों ने उत्तर प्रदेश सरकार,जिला प्रशासन और चीनी मिल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का गुस्सा इस बात को लेकर था कि बार-बार आश्वासन मिलने के बाद भी उनकी बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप है कि बजाज हिंदुस्तान समूह की बरखेड़ा चीनी मिल सहित जिले की अन्य मिलों द्वारा उनके गन्ने का समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है। किसानों ने कहा कि कई महीनों की हाड़तोड़ मेहनत के बाद जब वे अपनी फसल मिलों को सौंपते हैं तो उन्हें अपने ही पैसे के लिए महीनों और सालों तक इंतजार करना पड़ता है। इस समय पर भुगतान न मिलने के कारण ग्रामीण इलाकों में आर्थिक संकट गहरा गया है। किसानों के पास अगली फसल की बुवाई, खाद-बीज की खरीदारी और दैनिक खर्चों के लिए भी नकदी का अभाव हो गया है। सबसे गंभीर स्थिति बच्चों की पढ़ाई, शादियों और बीमार परिजनों के इलाज को लेकर खड़ी हो गई है। अन्नदाताओं के सामने अब अपने परिवारों के भरण-पोषण की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। घेराव के दौरान किसानों ने जिले की एक और प्रमुख समस्या को प्रमुखता से उठाया। किसानों ने मांग की कि लंबे समय से बंद पड़ी मझोला चीनी मिल को सरकार तुरंत अपने नियंत्रण में लेकर दोबारा चालू करे।किसानों का कहना है कि मझोला मिल के बंद होने से हजारों किसान परिवारों का भविष्य अधर में लटक गया है और उन्हें अपने गन्ने को दूर-दराज की मिलों में ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है जिससे परिवहन लागत बहुत बढ़ जाती है। यदि मझोला चीनी मिल दोबारा शुरू होती है तो इससे न केवल स्थानीय किसानों को बड़ी राहत मिलेगी बल्कि क्षेत्र के सैकड़ों बेरोजगार युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। आंदोलन की गंभीरता और सरकार के खिलाफ बढ़ते आक्रोश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन किसान किसी भी सूरत में पीछे हटने को तैयार नहीं दिखे।इसी बीच आंदोलन का नेतृत्व कर रही कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रदर्शन स्थल से ही गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार से मोबाइल फोन पर सीधे बातचीत की। उन्होंने मंत्री को लाचार और भूखे-प्यासे बैठे किसानों के दर्द से रूबरू कराया और जिले की चीनी मिलों की मनमानी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने किसानों की इन जायज मांगों को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने फोन पर ही आश्वासन दिया कि वह इस पूरे मामले को लेकर शासन स्तर पर शीर्ष अधिकारियों और मुख्यमंत्री के समक्ष बात करेंगे। उन्होंने मिल प्रबंधकों पर शिकंजा कसने और जल्द से जल्द गन्ना मूल्य का शत-प्रतिशत भुगतान कराने का ठोस भरोसा दिया। मंत्री के इस मौखिक आश्वासन के बाबजूद किसान पूरी तरह आश्वस्त नहीं हुए हैं। खबर लिखे जाने तक प्रदर्शनकारी किसान राज्य मंत्री के आवास के बाहर ही डटे हुए थें।