जनप्रतिनिधि की मौन स्वीकृति,खुटहनपारा में विकास कार्यों को लेकर बढ़ा असंतोष, वार्डवासियों ने कलेक्टर से की लिखित शिकायत

बैकुंठपुर। नगर पालिका परिषद बैकुंठपुर के खुटहनपारा वार्ड में विकास कार्यों को लेकर वार्डवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। वार्डवासियों ने कोरिया कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर प्रस्तावित छठ घाट निर्माण कार्य पर रोक लगाने एवं मामले की जांच कराने की मांग की हैशिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वार्ड की वर्षों पुरानी मूलभूत समस्याओं को नजरअंदाज कर एक ही स्थान पर बार-बार छठ घाट निर्माण एवं जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। उनका कहना है कि जिस स्थान पर पहले से छठ घाट मौजूद है, वहीं तीसरी बार निर्माण कार्य कराए जाने से सरकारी राशि का दुरुपयोग हो रहा है, जबकि वार्ड में अन्य आवश्यक विकास कार्य लंबित पड़े हैं।

वार्डवासियों ने उठाए विकास कार्यों पर सवाल

वार्डवासियों के अनुसार पूर्व में नगर पालिका परिषद में छठ घाट निर्माण के लिए प्रस्ताव दिया गया था। प्रस्ताव स्वीकृत होने और बजट मिलने के बाद नए स्थान पर निर्माण कराने के बजाय पहले से बने स्थल पर ही पुनः कार्य शुरू कर दिया गया। इसे लेकर लोगों ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, इंजीनियरों और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

नपा अध्यक्ष ने किया था समस्याओं के समाधान का आश्वासन

स्थानीय लोगों ने बताया कि पूर्व में नगर पालिका अध्यक्ष नविता शिवहरे ने खुटहनपारा वार्ड का दौरा कर नागरिकों की समस्याएं सुनी थीं। उस दौरान वार्डवासियों ने गेज नदी मार्ग पर सीसी सड़क निर्माण, सार्वजनिक शौचालय तथा नए छठ घाट निर्माण की मांग रखी थी। अध्यक्ष द्वारा समस्याओं के समाधान का आश्वासन भी दिया गया था। अब वार्डवासी उन आश्वासनों के अनुरूप कार्यवाही की अपेक्षा कर रहे हैं।

चार वर्ष बाद भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव

नगर पालिका चुनाव को लगभग चार वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन वार्डवासियों का आरोप है कि विकास कार्य अपेक्षित स्तर पर नहीं हुए हैं। लोगों का कहना है कि कई योजनाएं केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति में विशेष सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। इसी कारण उन्हें शिकायत लेकर प्रशासन की शरण में जाना पड़ रहा है।

कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग

वार्डवासियों ने नवपदस्थ कोरिया कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि छठ घाट निर्माण के लिए चयनित स्थल की समीक्षा कर वार्डहित में निर्णय लिया जाए तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।