दुर्गम क्षेत्रों में रेल रखरखाव को मिलेगी नई ताकत, एनएफआर ने शामिल किया अत्याधुनिक रेल-बोर्न मेंटेनेंस व्हीकल

दुर्गम क्षेत्रों में रेल रखरखाव को मिलेगी नई ताकत, एनएफआर ने शामिल किया अत्याधुनिक रेल-बोर्न मेंटेनेंस व्हीकल

मालीगांव। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने अपने रेल बुनियादी ढांचे के रखरखाव को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित तथा प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अत्याधुनिक रेल-बोर्न मेंटेनेंस व्हीकल (RBMV) को अपने बेड़े में शामिल किया है। यह विशेष वाहन रेलवे ट्रैक और इंजीनियरिंग से जुड़े महत्वपूर्ण रखरखाव कार्यों को अधिक दक्षता, सटीकता और सुरक्षा के साथ संपन्न करने में सहायक होगा।

एनएफआर द्वारा हाल ही में खरीदा गया यह उन्नत वाहन विशेष रूप से दुर्गम और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रेलखंडों के लिए उपयोगी साबित होगा। खासकर मिजोरम की निर्माणाधीन बैराबी-सायरंग रेल परियोजना जैसे चुनौतीपूर्ण पहाड़ी क्षेत्रों में यह रखरखाव कार्यों को नई गति प्रदान करेगा।

आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस यह मेंटेनेंस व्हीकल दूरदराज के कार्यस्थलों तक कर्मचारियों, सामग्रियों और आवश्यक उपकरणों को सीधे पहुंचाने में सक्षम है। इसमें विशेष लिफ्टिंग और हैंडलिंग प्रणाली उपलब्ध है, जिससे ट्रैक रखरखाव, कलपुर्जों के प्रतिस्थापन तथा आपातकालीन बहाली जैसे कार्य सुरक्षित और निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जा सकेंगे।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस वाहन के उपयोग से पारंपरिक रखरखाव प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम होगी तथा कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार आएगा। इससे निरीक्षण, मरम्मत और निवारक रखरखाव गतिविधियों को भी अधिक प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जा सकेगा, जिससे रेल परिसंपत्तियों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और परिचालन बाधाएं कम होंगी।

बैराबी-सायरंग रेलखंड कठिन पहाड़ी भूभाग से होकर गुजरता है और यहां रखरखाव कार्यों में कई इंजीनियरिंग चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह आधुनिक वाहन रेलवे कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन साबित होगा, जो कठिन परिस्थितियों में भी सुरक्षित और कुशल तरीके से कार्य करने में मदद करेगा।

एनएफआर ने हमेशा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इस उन्नत मेंटेनेंस व्हीकल के शामिल होने से सुरक्षा मानकों को और मजबूती मिलेगी। बेहतर मशीनीकरण के कारण भारी उपकरणों और सामग्रियों की मैनुअल हैंडलिंग कम होगी, जिससे कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ने के साथ-साथ कार्यस्थल पर उत्पादकता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे का यह कदम आधुनिक तकनीक के माध्यम से रेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने और दूरस्थ क्षेत्रों में सुरक्षित एवं भरोसेमंद रेल संचालन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।