कांग्रेस विधि विभाग ने मनाई सम्राट हर्षवर्धन बैस की जन्म जयंती, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर डाला प्रकाश

कासगंज। जिला कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के अध्यक्ष सत्येन्द्र पाल सिंह बैस एडवोकेट ने अपने कार्यालय पर अधिवक्ता साथियों के साथ राष्ट्र शिरोमणि क्षत्रिय राजपूत सम्राट हर्षवर्धन बैस की जन्म जयंती के शुभ अवसर पर एक गोष्ठी आयोजित की। इस दौरान उनके चित्र पर माल्यार्पण कर मिष्ठान वितरण किया गया तथा उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।

चेयरमैन सत्येन्द्र पाल सिंह बैस एडवोकेट ने कहा कि राजा हर्षवर्धन बैस ने मात्र 16 वर्ष की आयु में गद्दी संभालने के बाद लगभग पूरे उत्तर भारत को एक शक्तिशाली साम्राज्य में एकीकृत किया। उनका राज्य हिमालय से लेकर नर्मदा नदी तक तथा पंजाब से लेकर असम तक फैला हुआ था। उन्होंने बताया कि राजा हर्षवर्धन बैस अत्यंत उदार और प्रजापालक शासक थे। उनकी प्रशासनिक व्यवस्था बहुत सुव्यवस्थित थी और वह अपनी आय का एक बड़ा हिस्सा दान, शिक्षा एवं जनकल्याण में खर्च करते थे।

प्रति पांच वर्ष में वह प्रयाग में एक विशाल महासम्मेलन ?मोक्ष परिषद? का आयोजन करते थे, जहां वह अपना सारा राजकोष और संपत्ति दान कर देते थे। सत्येन्द्र पाल सिंह बैस ने कहा कि राजा हर्षवर्धन तलवार के साथ-साथ कलम के भी धनी थे। उन्होंने संस्कृत में तीन प्रसिद्ध नाटक ? रत्नावली, प्रियदर्शिका और नागानंद की रचना की। उनके दरबार में महान कवि बाणभट्ट जैसे अनेक विद्वान रहते थे। वह शिक्षा और बौद्ध धर्म के महान संरक्षक थे। उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध एवं पोषित किया। चीनी बौद्ध यात्री ह्वेनत्सांग उनके दरबार में आए थे, जिन्होंने हर्षवर्धन के शासनकाल की भव्यता, शांति और समृद्धि का अत्यंत प्रशंसात्मक विवरण अपनी पुस्तक में दिया है।

बैस ने आगे कहा कि ऐसे महान वीर सम्राट एवं इतिहास पुरुष का नाम जब तक सृष्टि रहेगी, तब तक स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।

इस अवसर पर प्रेम सिंह, हाईकोर्ट अधिवक्ता भानु प्रकाश गुप्ता, कमल कुमार सिंह यादव, अयोध्या प्रसाद, निरंजन सिंह, अश्वनी कुमार, तेजेंद्र, मोहम्मद तारिक अली, यशवीर सिंह यादव, संजय कुमार, मोहम्मद खालिद, फैसल, रामेश्वर, धारा सिंह सहित अन्य अधिवक्ता गण मौजूद रहे।