जिला न्यायालय परिसर में केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई

कासगंज। जिला कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के चेयरमैन एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सत्येन्द्र पाल सिंह बैस के नेतृत्व में शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं ने जंतर-मंतर, नई दिल्ली में आंदोलनरत छात्रों और शिक्षा सुधारक एवं वैज्ञानिक सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए चेयरमैन सत्येन्द्र पाल सिंह बैस एडवोकेट ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक, छात्रों की आत्महत्या और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों की आवाज को सरकार दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों के समर्थन में 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे वैज्ञानिक एवं समाजसेवी सोनम वांगचुक से सरकार का कोई प्रतिनिधि मिलने नहीं गया और बाद में उन्हें दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन हिरासत में ले लिया गया।

बैस ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को सरकार की नीतियों के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है। उनका आरोप था कि सरकार अपने मंत्रियों और अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है, जबकि छात्रों और आम लोगों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी विभिन्न आंदोलनों के दौरान सरकारों के प्रतिनिधि आंदोलनकारियों से बातचीत करते रहे हैं, लेकिन वर्तमान सरकार इस परंपरा का पालन नहीं कर रही है।

उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान भी सरकार को कृषि कानून वापस लेने पड़े थे। उनका कहना था कि सरकार की दमनकारी नीतियों के विरोध में सभी नागरिकों को लोकतांत्रिक तरीके से एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए, ताकि देश, लोकतंत्र और आने वाली पीढ़ी के भविष्य की रक्षा की जा सके।

अधिवक्ता केशव मिश्रा ने कहा कि सरकार की दमनकारी नीतियों का असर छात्रों, युवाओं और आम लोगों पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से जनहित के मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने की मांग की।

प्रदर्शन में ओम प्रकाश सिंह, प्रेम सिंह, मोहम्मद अयाज, अयोध्या प्रसाद, अनुज कुमार यादव, संदीप यादव, नरेंद्र शर्मा, तेजेंद्र, रामेश्वर, आशीष दीक्षित, यासीन, विकास सोलंकी, अंजुम राहत, फिरोज खान, संजय, हितेंद्र कुमार, रोहित कुमार विद्यार्थी, मनोज, योगेश और कृष्णकांत सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।