चकिया में जोरदार प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

बिजली संकट, महंगाई और स्मार्ट मीटर के विरोध में माकपा का प्रदर्शन, हजारों लोगों ने निकाला जुलूस

चकिया में जोरदार प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

चकिया, चंदौली। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के बैनर तले चकिया नगर में बिजली संकट, बढ़ती महंगाई, स्मार्ट मीटर योजना तथा बिजली निजीकरण के विरोध में व्यापक प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं आमजन काली जी पोखरा पर एकत्रित हुए और वहां से नगर में जुलूस निकालते हुए विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिजली दरों में वृद्धि, बढ़ती कटौती, लो-वोल्टेज की समस्या तथा जर्जर विद्युत व्यवस्था से आम जनता परेशान है। उन्होंने सरकार से बिजली दरों में की गई वृद्धि वापस लेने तथा बिजली व्यवस्था में सुधार करने की मांग की।

नगर में निकाला गया जुलूस

काली जी पोखरा से शुरू हुआ जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने "बिजली दर वृद्धि वापस लो", "स्मार्ट मीटर योजना रद्द करो", "निजीकरण बंद करो" तथा "किसानों को मुफ्त बिजली दो" जैसे नारे लगाए।

जुलूस के बाद कार्यकर्ता लगभग दो किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए विद्युत उपकेंद्र पहुंचे, जहां धरना-प्रदर्शन किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी चकिया को सौंपा गया।

ये रहीं प्रमुख मांगें

माकपा नेताओं ने मांग की कि?

बिजली दरों में की गई 10 प्रतिशत वृद्धि वापस ली जाए।

बढ़ती बिजली कटौती और फाल्ट की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।

स्मार्ट मीटर योजना को पूरी तरह समाप्त किया जाए।

दक्षिणांचल एवं पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया रद्द की जाए।

प्रस्तावित बिजली बिल 2025 वापस लिया जाए।

सभी उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाए।

किसानों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का चुनावी वादा पूरा किया जाए।

बिजली विभाग के रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएं।

संविदा कर्मियों को स्थायी किया जाए।

गांवों और शहरों में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

जर्जर विद्युत लाइनों और फुंके ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदला जाए।

स्मार्ट मीटर को लेकर जताई नाराजगी

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्मार्ट मीटर योजना को लेकर जनता में व्यापक असंतोष है। उनका कहना था कि पूर्व की व्यवस्था को बहाल किया जाए और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की अतिरिक्त आर्थिक परेशानी न झेलनी पड़े।

वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार ने जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आने वाले समय में और बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।

लालचंद एडवोकेट के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन

पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व माकपा नेता लालचंद एडवोकेट ने किया। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं जनता का अधिकार हैं तथा सरकार को जनहित में निर्णय लेने चाहिए।

सभा को परमानंद सिंह मौर्य, राजेंद्र यादव, रामनिवास पांडेय, बलराम कुरिल, नंदलाल, बड़ेलाल, चौथी पासवान, महानंद राजभर, लालमणि विश्वकर्मा, जयनाथ, भुगुनाथ विश्वकर्मा सहित अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया।

जनसमस्याओं के समाधान की मांग

वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लो-वोल्टेज, बार-बार फाल्ट, ट्रांसफार्मरों के जलने तथा विद्युत आपूर्ति में अनियमितता जैसी समस्याओं से लोग परेशान हैं। उन्होंने सरकार और विद्युत विभाग से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

प्रदर्शन के अंत में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया और चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।